शुरुआती बढ़त के बाद फिसला बाजार
हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने हल्की तेजी के साथ शुरुआत की, लेकिन कुछ ही घंटे में बाजार की चाल पलट गई। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 66.76 अंक बढ़कर 84,845.60 पर पहुंच गया था, जबकि निफ्टी 14.25 अंक की बढ़त के साथ 25,980.30 के स्तर पर खुला। हालांकि साढ़े दस बजे के करीब बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ा और सेंसेक्स 230 अंक तक लुढ़क गया, वहीं निफ्टी 25,900 के आसपास फिसल गया। बाजार की यह चाल इस बात का संकेत है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।
चुनिंदा शेयरों में दिखी मजबूती
सुबह के सत्र में निफ्टी 50 पर मिश्रित रुझान देखने को मिला। एसबीआई, भारती एयरटेल, टाइटन और एलएंडटी जैसे दिग्गज स्टॉक्स में मजबूती रही। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट और ओएनजीसी जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंकिंग और मेटल सेक्टर में दबाव बना हुआ है, जबकि कंज्यूमर और टेलीकॉम शेयर बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्लोबल संकेतों का असर जारी
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार का कहना है कि भारतीय बाजार का समग्र सेंटिमेंट अभी भी पॉजिटिव है। घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है, वहीं विदेशी फंड्स की ओर से भी खरीदारी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजारों में सुधार और चीन–अमेरिका वार्ता में सकारात्मक रुख ने भारतीय निवेशकों को सपोर्ट दिया है। हालांकि, अल्पावधि में प्रॉफिट बुकिंग की संभावना बनी हुई है।
सोमवार की तेजी के बाद हल्की थकान
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 567 अंक उछलकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,900 के पार निकल गया था। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को बल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी खुदरा मुद्रास्फीति के बेहतर आंकड़ों से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इसने निवेशकों की भावना को मजबूती दी है।
बाजार विशेषज्ञों की राय
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, अमेरिका–चीन व्यापार वार्ता में सुधार और वैश्विक अनिश्चितता में कमी ने भारतीय बाजारों में भरोसा बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि घरेलू आर्थिक संकेतक स्थिर हैं और कॉर्पोरेट आय में सुधार की उम्मीदें बनी हुई हैं। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि वे जल्दबाज़ी में निर्णय न लें और आगामी तिमाही नतीजों का इंतजार करें।
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