Stock Market Today: चुनावी नतीजों का असर: शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान पर

नई दिल्ली: देश में चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव परिणामों के बीच शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। शुरुआती रुझानों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है, जिसका असर सीधे बाजार की चाल पर दिखाई दे रहा है।

चुनावी रुझानों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, बाजार में दिखा पॉजिटिव सेंटीमेंट

सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 343.77 अंक यानी 0.45% की बढ़त के साथ 77,257.27 पर खुला। वहीं निफ्टी 24,245.85 के स्तर पर ओपन हुआ। शुरुआती मिनटों के बाद बाजार ने और रफ्तार पकड़ी और सेंसेक्स 603.67 अंक यानी 0.78% चढ़कर कारोबार करता दिखा। इसी दौरान निफ्टी भी 125 अंक यानी 0.52% की मजबूती के साथ 24,122.55 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया।

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों ने बाजार को दी नई दिशा

असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल समेत प्रमुख राज्यों के नतीजों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। शुरुआती रुझानों में स्थिर सरकार के संकेत मिलने से बाजार में खरीदारी बढ़ी है। ब्रोकरेज फर्म Kotak Institutional Equities ने भी संकेत दिए हैं कि अहम राज्यों में Bharatiya Janata Party की स्थिति मजबूत रह सकती है, जिससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।

होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव कम होने के संकेत, कच्चे तेल में नरमी

वैश्विक स्तर पर भी बाजार को राहत मिली है। Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत मध्य-पूर्व में पहल शुरू करने की बात कही है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद जगी है, जिसका असर तेल की कीमतों पर पड़ा।

एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, भारत में लौटी खरीदारी

अमेरिका और एशिया से मिल रहे मजबूत संकेतों के चलते भारतीय बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 25,992 पर पहुंच गया, जबकि पिछला क्लोज 25,776.53 था। हालांकि जापान और चीन के बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद रहे, फिर भी ग्लोबल संकेतों ने घरेलू बाजार को सपोर्ट दिया।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को मिला सपोर्ट

अमेरिकी पहल के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। जुलाई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड 0.3% टूटकर 107.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं OPEC+ देशों ने सप्लाई बाधाओं को ध्यान में रखते हुए उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है।

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