Stock Market Crash: ईरान-अमेरिका तनाव से बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स 1600 अंक टूटा, तेल 100 डॉलर पार

मिडिल ईस्ट तनाव और महंगे कच्चे तेल से भारतीय शेयर बाजार दबाव में खुला

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ, जिसका असर दलाल स्ट्रीट पर साफ दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत में ही बीएसई सेंसेक्स करीब 1613 अंक टूटकर 75,937 के आसपास पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 461 अंक गिरकर 23,589 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिका-ईरान बातचीत बेनतीजा, कच्चे तेल में उछाल से बढ़ी महंगाई की आशंका

इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच जंग खत्म करने को लेकर बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके साथ ही ईरानी बंदरगाहों को लेकर कड़ी चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे परिवहन लागत और महंगाई पर असर पड़ सकता है।

ऑयल और डिफेंस शेयरों में तेजी, ONGC और Oil India बने टॉप गेनर

तेल की कीमतों में तेजी का फायदा ऊर्जा कंपनियों के शेयरों को मिला। ONGC के शेयर करीब 4.85 प्रतिशत चढ़े, जबकि Oil India में 4.20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 1.10 प्रतिशत और कोल इंडिया में 0.70 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। वैश्विक तनाव के कारण डिफेंस सेक्टर की कंपनी Hindustan Aeronautics के शेयर भी करीब 0.95 प्रतिशत मजबूत हुए।

ऑटो और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी, एशियन पेंट्स और मारुति सुजुकी में गिरावट

बाजार में गिरावट का असर कई बड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा। एशियन पेंट्स, अपोलो टायर्स, मारुति सुजुकी, HDFC बैंक और इंडिगो के शेयरों में कमजोरी देखी गई। निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए सुरक्षित सेक्टर की ओर रुख किया, जिससे कई सेक्टर दबाव में नजर आए।

एशियाई बाजार और वॉल स्ट्रीट में भी कमजोरी, ग्लोबल संकेत नकारात्मक

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी गिरावट का माहौल देखने को मिला। जापान का निक्केई 0.84 प्रतिशत कमजोर हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.83 प्रतिशत तक गिर गया। हांगकांग का हैंग सेंग भी 1.16 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं अमेरिकी बाजार के फ्यूचर्स में भी दबाव दिखा, जहां डाऊ जोन्स 550 अंक तक गिर गया। ब्रेंट क्रूड 7.05 प्रतिशत उछलकर 101.91 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 7.86 प्रतिशत बढ़कर 104.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

 

 

 

Exit mobile version