भारतीय शेयर बाजार में 20 मई 2026 की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों दबाव में दिखाई दिए। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट और अमेरिकी बाजारों की सुस्ती का असर भारतीय बाजार पर साफ नजर आया। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसके चलते कई बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों फिसले, निवेशकों की चिंता बढ़ी
बाजार खुलते ही बीएसई सेंसेक्स करीब 114 अंकों की गिरावट के साथ 75,200.85 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 31.95 अंक टूटकर 23,618 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से घरेलू बाजार पर दबाव बना हुआ है।
निवेशकों की नजर अब आने वाले आर्थिक संकेतकों और वैश्विक घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।
रिलायंस और हिंदाल्को जैसे बड़े शेयर दबाव में, आईटी सेक्टर ने दिया सहारा
आज के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में नजर आए। गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में Hindalco, Reliance Industries, Nestle India और UltraTech Cement शामिल रहे। इन कंपनियों में बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया।
हालांकि बाजार में पूरी तरह निराशा का माहौल नहीं रहा। Bharti Airtel, Infosys, Tech Mahindra और Coal India जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। खासतौर पर आईटी सेक्टर के शेयरों ने बाजार को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है।
एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा साफ दिखाई
भारतीय बाजार पर विदेशी संकेतों का असर साफ तौर पर दिखाई दिया। जापान के टॉपिक्स इंडेक्स में करीब 0.75 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निक्केई इंडेक्स भी कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया।
दक्षिण कोरिया के बाजारों में भी दबाव बना रहा। कोस्पी और कोस्डैक दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ खुले, जिससे एशियाई बाजारों में निवेशकों की चिंता बढ़ती दिखाई दी।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक एशियाई बाजारों की कमजोरी का असर सीधे तौर पर भारतीय बाजार पर पड़ा है, क्योंकि विदेशी निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
अमेरिकी बाजारों में गिरावट और गिफ्ट निफ्टी के कमजोर संकेतों ने बढ़ाया दबाव
19 मई को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। S&P 500 इंडेक्स 0.67 फीसदी टूटकर 7,353.61 पर बंद हुआ। वहीं Nasdaq Composite में 0.84 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई और यह 25,870.71 के स्तर पर आ गया।
Dow Jones Industrial Average भी करीब 322 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों की इस कमजोरी ने दुनियाभर के निवेशकों की धारणा पर असर डाला।
उधर गिफ्ट निफ्टी भी लगभग 100 अंकों की कमजोरी के साथ 23,413 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया, जिसने पहले ही संकेत दे दिए थे कि भारतीय बाजार की शुरुआत दबाव में हो सकती है।
कच्चे तेल में गिरावट लेकिन रुपये की कमजोरी बनी चिंता का बड़ा कारण
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया गया है। इसके बाद बाजार में राहत देखने को मिली और ब्रेंट क्रूड करीब 1.89 फीसदी गिरकर 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
हालांकि तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारतीय मुद्रा पर दबाव बना रहा। रुपया लगातार आठवें कारोबारी दिन कमजोरी के साथ बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया 96.5325 के स्तर तक फिसल गया।
मुद्रा बाजार में जारी कमजोरी से आयात लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर आने वाले दिनों में शेयर बाजार और महंगाई दोनों पर दिखाई दे सकता है।





