बैंक ऑफ चाइना की ओर से श्रीलंका में चीनी मुद्रा आरएमबी (रनमिनबी) क्लियरिंग बैंक के
अनावरण समारोह का आयोजन 15 अक्तूबर को राजधानी कोलंबो में किया गया। समारोह में श्रीलंका
के श्रम मंत्री और वित्त उप मंत्री अनिल जयन्त फर्नांडो सहित श्रीलंका सरकार के विभिन्न विभागों के
अधिकारियों तथा चीन और श्रीलंका के उद्यमों और वित्तीय संस्थानों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों
ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के उप गवर्नर सिरिकुमारा ने कहा कि चीन, श्रीलंका का एक
महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। आरएमबी में लेन-देन और भुगतान की सुविधा मिलने से श्रीलंका
के स्थानीय उद्यमों और चीनी कंपनियों के बीच व्यापार करना आसान होगा। साथ ही, इससे दोनों
देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के साथ-साथ निवेश सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
वहीं, श्रीलंका में चीन के राजदूत वेई हुआश्यांग ने कहा कि चीन और श्रीलंका के केंद्रीय बैंकों ने 2025
की शुरुआत में 10 अरब युआन के द्विपक्षीय स्थानीय मुद्रा विनिमय समझौते का नवीनीकरण किया
था। इससे दोनों देशों के बीच वित्तीय सहयोग को मजबूत आधार मिला। उन्होंने कहा कि आरएमबी
क्लियरिंग बैंक की स्थापना चीन और श्रीलंका के बीच साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण की
दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह श्रीलंका की आर्थिक बहाली के लिए चीन के मजबूत समर्थन को
दर्शाता है। साथ ही, इससे दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और साझा विकास को आगे ले जाने की
प्रतिबद्धता भी जाहिर होती है।
उधर, बैंक ऑफ चाइना के अध्यक्ष चांग हुई ने कहा कि श्रीलंका में कारोबार करने वाली एकमात्र चीनी
वित्तीय संस्था के रूप में बैंक ऑफ चाइना चीन और श्रीलंका के बीच लगातार मजबूत होते सहयोग का
साक्षी और भागीदार रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ चाइना की कोलंबो शाखा को श्रीलंका का
आरएमबी क्लियरिंग बैंक नियुक्त किए जाने से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में आरएमबी
का इस्तेमाल आसान होगा। इससे चीन और श्रीलंका के आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग को भी नई
गति मिलेगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)