चीनी शैली के आधुनिकीकरण में प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण का ख़ास महत्व
चीनी शैली के आधुनिकीकरण में प्रौद्योगिकी आधुनिकीकरण को सबसे महत्वपूर्ण आधार माना
जा रहा है। वर्ष 2026 से 2030 तक की 15वीं पंचवर्षीय योजना को चीन के लिए विज्ञान और
प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनने की दिशा में एक अहम संक्रमण काल के रूप में देखा जा रहा है। इसी
लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस साल की शुरुआत से ही चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी
चिनफिंग ने उच्च स्तरीय तकनीकी आत्मनिर्भरता को तेज करने और विज्ञान व प्रौद्योगिकी
नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
तीन 'प्रथम' प्रौद्योगिकी के महत्व को दर्शाते हैं
इसी क्रम में इस वर्ष तीन प्रमुख पहल ने प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व को स्पष्ट किया। सबसे पहले,
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो की पहली सामूहिक अध्ययन बैठक
भविष्य के उद्योगों पर केंद्रित रही। इसके बाद महासचिव शी चिनफिंग ने इस वर्ष की अपनी पहली
स्थानीय निरीक्षण यात्रा के दौरान पेइचिंग स्थित राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी पार्क का दौरा किया
और वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तथा रोबोटिक्स के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी
ली। वहीं, बुनियादी अनुसंधान को लेकर वर्ष की पहली महत्वपूर्ण बैठक पूर्वी चीन के शांगहाई में
आयोजित की गई।
प्रमुख प्रौद्योगिकी कार्यक्रम
इसके साथ ही 8 जुलाई को पेइचिंग में चीनी राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पुरस्कार समारोह, दो
अकादमियों के सदस्यों का सम्मेलन और चीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संघ का 11वां राष्ट्रीय
सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान महासचिव शी चिनफिंग ने वैज्ञानिकों को देश का
सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया और उनसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाशक्ति के निर्माण में सक्रिय
योगदान देने का आह्वान किया।
'शांगहाई वादा' – वैश्विक एआई शासन में अग्रणी
वहीं, 17 जुलाई को शांगहाई में आयोजित 2026 विश्व एआई सम्मेलन के दौरान महासचिव शी
चिनफिंग ने साझा और न्यायसंगत वैश्विक एआई शासन प्रणाली के लिए चार सूत्रीय प्रस्ताव
रखा। इसी अवसर पर विश्व एआई सहयोग संगठन की स्थापना की घोषणा भी की गई, जिसे
एआई के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इसके अलावा चीन ने विकासशील
देशों के लिए 5 हजार एआई प्रशिक्षण अवसर उपलब्ध कराने और बहुपक्षीय एआई सहयोग केंद्र
स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
महासचिव शी चिनफिंग का कहना है कि प्रौद्योगिकी में होने वाली सफलता ही भविष्य के उद्योगों
की गति, विस्तार और गहराई तय करती है। वर्ष 2035 तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी महाशक्ति
बनने के लक्ष्य के साथ चीन नवाचार, खुलेपन और वैश्विक सहयोग के जरिए दुनिया में अपनी
तकनीकी नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)