Saturday, June 6, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home धर्म

गुरु दोष और पितृ दोष से मुक्ति का विशेष अवसर, मलमास में करें ये उपाय…पितृ होंगे प्रसन्न

DigitalDesk by DigitalDesk
May 31, 2026
in धर्म, स्पेशल
0
Special opportunity
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

सनातन परंपरा में मलमास को आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और दोष निवारण के लिए विशेष महत्व दिया गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कुंडली में गुरु दोष या पितृ दोष होने पर व्यक्ति को शिक्षा, विवाह, संतान, करियर और आर्थिक क्षेत्र में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। गुरु दोष के कारण ज्ञान और उन्नति में रुकावट आती है, जबकि पितृ दोष से पारिवारिक और मानसिक परेशानियां बढ़ती हैं।

गुरु दोष और पितृ दोष से मुक्ति का विशेष अवसर, मलमास में करें ये उपाय
कुंडली के दोषों से राहत दिलाएगा मलमास
धार्मिक उपायों से सुधर सकते हैं ग्रह योग

Related posts

2027 में इस राशि में प्रवेश करेंगे शनिदेव…ज्योतिष जगत की होंगी कई बड़ी घटनाएं

2027 में इस राशि में प्रवेश करेंगे शनिदेव…ज्योतिष जगत की होंगी कई बड़ी घटनाएं

June 5, 2026
RASIFAL today

5 जून 2026, शुक्रवार का दैनिक राशिफल…माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए शुक्रवार का करें व्रत एवं श्रीसूक्त पाठ… जाने क्या है आज आपकी राशि में खास

June 5, 2026

मलमास में गुरु दोष और पितृ दोष निवारण का विशेष अवसर, ज्योतिषीय उपायों से मिल सकती है राहत

  • कुंडली के दोषों से जीवन में बढ़ती हैं बाधाएं
  • मलमास में पूजा-पाठ और दान का बढ़ जाता है महत्व
  • गुरु दोष से शिक्षा, विवाह और करियर पर असर
  • पितृ दोष से परिवार और संतान सुख में आती हैं परेशानियां
  • धार्मिक उपायों से ग्रहों के दुष्प्रभाव कम करने की मान्यतामान्यता है कि मलमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा, पीपल वृक्ष की सेवा, गीता पाठ, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करने से इन दोषों का प्रभाव कम किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में किए गए आध्यात्मिक और परोपकारी कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है। इसलिए मलमास को आत्मशुद्धि, ग्रह शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है।
    सनातन धर्म में मलमास या अधिक मास को आध्यात्मिक साधना, आत्मचिंतन और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष काल माना जाता है। सामान्यतः शुभ मांगलिक कार्यों के लिए यह अवधि उपयुक्त नहीं मानी जाती, लेकिन धार्मिक दृष्टि से इसे पुण्य अर्जित करने और ग्रह दोषों के निवारण का सर्वोत्तम समय माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु दोष या पितृ दोष मौजूद हो तो मलमास के दौरान किए गए विशेष उपाय इन दोषों के प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं।ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि कुंडली में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। इनमें गुरु दोष और पितृ दोष दो ऐसे प्रमुख दोष हैं, जिनके कारण व्यक्ति को जीवन के अनेक क्षेत्रों में संघर्ष और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में मलमास का समय इन दोषों के शमन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

    क्या है गुरु दोष और इसका प्रभाव

    ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह को ज्ञान, धर्म, शिक्षा, संतान, विवाह, समृद्धि और सम्मान का कारक माना गया है। जब कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर, नीच राशि में या पाप ग्रहों से प्रभावित होता है, तब गुरु दोष की स्थिति बनती है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को शिक्षा में रुकावट, करियर में अस्थिरता, विवाह में देरी, आर्थिक परेशानियां और
    और सामाजिक सम्मान में कमी के साथ ही इस जैसी कई दूसरी समस्याओं का भी सामना जातक को करना पड़ सकता है।
    विशेषज्ञों के अनुसार गुरु दोष से पीड़ित व्यक्ति कई बार सही निर्णय लेने में भी कठिनाई महसूस करता है। जीवन में अवसर मिलने के बावजूद सफलता अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाती। इसलिए गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक उपायों की सलाह दी जाती है।

    पितृ दोष क्यों माना जाता है गंभीर

    पितृ दोष को ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण दोष माना गया है। मान्यता है कि जब पूर्वजों की आत्माएं असंतुष्ट रहती हैं या परिवार में श्राद्ध, तर्पण और पितरों से जुड़े धार्मिक कर्तव्यों का समुचित पालन नहीं होता, तब पितृ दोष उत्पन्न हो सकता है। कुंडली में सूर्य, राहु, केतु या अन्य ग्रहों की विशेष स्थितियां भी पितृ दोष का संकेत मानी जाती हैं।

    पितृ दोष के कारण व्यक्ति को संतान सुख में बाधा, पारिवारिक कलह, मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्याएं और आर्थिक अस्थिरता जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कई बार लगातार प्रयासों के बावजूद कार्यों में सफलता नहीं मिलती और जीवन में अज्ञात बाधाएं बनी रहती हैं।

    मलमास में क्यों बढ़ जाता है उपायों का महत्व

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मलमास भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इस अवधि में किए गए जप, तप, दान और पूजा-पाठ का फल सामान्य दिनों की तुलना में अधिक प्राप्त होता है। इसलिए गुरु दोष और पितृ दोष से प्रभावित लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

    मलमास में भगवान विष्णु की आराधना, गीता का पाठ, पीपल वृक्ष की पूजा, ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को दान तथा धार्मिक स्थलों पर सेवा कार्य करने की परंपरा है। माना जाता है कि इन उपायों से ग्रहों के दुष्प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    ये उपाय माने जाते हैं लाभकारी

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गुरु दोष से मुक्ति के लिए पीले वस्त्र धारण करना, पीली वस्तुओं का दान करना, भगवान विष्णु की पूजा करना और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना लाभकारी माना जाता है। वहीं पितृ दोष की शांति के लिए पितरों का स्मरण करना लाभकारी माना जाता है। वहीं जातक को पितृ दोष की शांति के निमित्त अपने पितरों का स्मरण अवश्य करना चाहिए। उनका तर्पण और पितरों के नाम से दान-पुण्य के साथ गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करना चाहिए। विशेष रूप से पीपल वृक्ष की सेवा, जल अर्पित करना और उसके नीचे दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। इसके साथ ही धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भागीदारी को भी ग्रह दोषों के निवारण का प्रभावी माध्यम माना गया है।

     

    आस्था के साथ आत्मसुधार का भी अवसर

    धार्मिक विद्वानों का मानना है कि मलमास केवल ग्रह दोषों के निवारण का समय नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी है। इस दौरान व्यक्ति यदि सद्कर्म, संयम, सेवा और आध्यात्मिक साधना को अपनाए तो मानसिक शांति और आत्मिक संतोष की प्राप्ति हो सकती है। इसी कारण मलमास को सनातन परंपरा में विशेष स्थान दिया गया है। आस्था रखने वाले लोग इस अवधि को अपने जीवन की नकारात्मकताओं को दूर कर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के अवसर के रूप में देखते हैं। गुरु दोष और पितृ दोष से राहत की मान्यता के साथ यह समय धर्म, सेवा और आत्मविकास का संदेश भी देता है।

Post Views: 61
Tags: #Special opportunity #rid of Guru Dosh and Pitra Dosh in Malmas
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

मुख्य समाचार
बंगाल की राजनीति में मचा बड़ा घमासान, TMC में टूट की चर्चा तेज!

बंगाल की राजनीति में मचा बड़ा घमासान, TMC में टूट की चर्चा तेज!

मुख्य समाचार
बंगाल की मुस्लिम बहुल फाल्टा सीट पर BJP की ऐतिहासिक जीत, 71% वोट लेकर देबांग्शु पांडा ने मारी बाजी

बंगाल की मुस्लिम बहुल फाल्टा सीट पर BJP की ऐतिहासिक जीत, 71% वोट लेकर देबांग्शु पांडा ने मारी बाजी

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version