अटल आवासीय विद्यालय उत्तर प्रदेश: मजदूरों के बच्चे सीखेंगे AI से बदलेगा भविष्य

Atal School

अटल स्कूलों में ‘स्किल क्रांति’: अब मजदूर परिवारों के बच्चे सीखेंगे AI की भाषा

‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ से बदलेगा भविष्य—किताबों के साथ अब टेक्नोलॉजी भी बनेगी ताकत

लखनऊ। अब सपनों की उड़ान सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों से एक ऐसी ‘स्किल क्रांति’ शुरू हो रही है, जो श्रमिक परिवारों के बच्चों को सीधे भविष्य की तकनीकी दुनिया से जोड़ने जा रही है। सरकार ने ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के जरिए शिक्षा को रोजगार से जोड़ने का बड़ा कदम उठाया है।

इस पहल के तहत 18 अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 3447 वंचित छात्र-छात्राओं को अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ AI, IT और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक कौशल सिखाए जाएंगे। यानी अब स्कूल की किताबों के साथ कोडिंग, डेटा और डिजिटल स्किल्स भी बच्चों के करियर का हिस्सा बनेंगी।

स्कूल से सीधे स्किल तक का सफर

अटल आवासीय विद्यालय अब सिर्फ पढ़ाई के केंद्र नहीं, बल्कि “भविष्य निर्माण केंद्र” बनते जा रहे हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चे—जो ज्यादातर निर्माण श्रमिकों, प्रवासी कामगारों और अनाथ परिवारों से आते हैं—अब विश्वस्तरीय स्किल ट्रेनिंग हासिल करेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ विजन को यह योजना जमीनी स्तर पर उतारने का काम कर रही है।

‘AI for All’—तकनीक अब हर बच्चे तक

‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ बेसिक ट्रेनिंग नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों पर आधारित है।

इन क्षेत्रों में बच्चों को 210 घंटे का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल, सॉफ्ट स्किल्स और इंडस्ट्रियल विजिट भी शामिल हैं।

सर्वे से तय हुआ स्किल का रास्ता

यह योजना किसी अनुमान पर नहीं, बल्कि ग्राउंड सर्वे के आधार पर तैयार की गई है। आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, झांसी, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर समेत 18 जिलों के छात्रों की रुचियों को समझकर कोर्स डिजाइन किया गया है। सर्वे में सामने आया कि ज्यादातर छात्र IT, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अपैरल सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं—यही वजह है कि ट्रेनिंग भी उसी दिशा में केंद्रित की गई है।

सामाजिक बदलाव का नया मॉडल

यह पहल सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है। अब वह बच्चा, जिसके परिवार की आजीविका मजदूरी पर टिकी है, वही बच्चा कल AI और टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी पहचान बना सकेगा। राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के मुताबिक, यह योजना उन बच्चों को बराबरी का मौका देगी, जो आर्थिक कारणों से अब तक आधुनिक स्किल्स से दूर थे।

स्कूल से स्टार्टअप तक की राह

‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ उत्तर प्रदेश के शिक्षा मॉडल को एक नए स्तर पर ले जाता है—जहां डिग्री के साथ स्किल, और स्किल के साथ आत्मनिर्भरता जुड़ी है। यह सिर्फ एक योजना नहीं… बल्कि वह बदलाव है, जहां मजदूर का बेटा अब “मशीन” नहीं, “मशीन लर्निंग” सीखेगा।

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