एम्स दीक्षांत समारोह की अंतिम तैयारी …उपराष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि
उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एम्स में आयोजित होने वाले छठे दीक्षांत समारोह की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 23 अप्रैल को होने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर संस्थान प्रशासन, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही हैं। इस खास मौके पर देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जिसके चलते कार्यक्रम को अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बना दिया गया है।
दीक्षांत समारोह को सफल और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पिछले कई दिनों से लगातार तैयारियां चल रही हैं। एम्स परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस दौरान संस्थान के छात्र-छात्राओं, डॉक्टरों और स्टाफ में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि दीक्षांत समारोह उनके शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है।
उपराष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया है। हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की चूक की संभावना न रहे। इसके तहत “मिनट-टू-मिनट” प्रोटोकॉल तैयार किया गया है, जिसमें उपराष्ट्रपति के आगमन से लेकर उनके प्रस्थान तक की हर गतिविधि को विस्तार से तय किया गया है।
इसी क्रम में सेना के दो MI-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा लैंडिंग और टेक-ऑफ का सफल ट्रायल भी किया गया। यह ट्रायल सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। हेलीकॉप्टर की लैंडिंग साइट, मार्ग और वैकल्पिक व्यवस्थाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन और रणनीति पहले से तैयार रहे।
जनपद देहरादून के पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबल स्वयं तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस बल को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के सफल छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह समारोह न केवल छात्रों के लिए बल्कि उनके परिजनों और शिक्षकों के लिए भी गर्व का क्षण होता है। इस बार समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की भी संभावना है।
एम्स प्रशासन का कहना है कि इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी और व्यवस्थागत तैयारियों के साथ-साथ अतिथियों के स्वागत और सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं।
वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी पूरी तैयारी की गई है। कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
कुल मिलाकर, एम्स ऋषिकेश का छठा दीक्षांत समारोह एक भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन बनने जा रहा है। उपराष्ट्रपति की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता, संस्थान की तैयारी और छात्रों का उत्साह इस समारोह को खास बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अब सभी की नजरें 23 अप्रैल पर टिकी हैं, जब यह बहुप्रतीक्षित आयोजन संपन्न होगा।





