Tuesday, October 13, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य दिल्ली

छह नए राज्यपाल…जानें किसका किस राज्य से है नाता…और राजनीतिक सफर

DigitalDesk by DigitalDesk
October 13, 2026
in दिल्ली, मुख्य समाचार, राजनीति
0
Six new governors find out their states connections and political journey
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में इन नामों की चर्चा तेज है। इस बदलाव में मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और बालाघाट के पूर्व सांसद डॉ.ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड की जिम्मेदारी दिए जाने से मध्य प्रदेश का राजनीतिक संदर्भ भी जुड़ गया है। वहीं, ओम प्रकाश माथुर और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर जैसे अनुभवी राजनीतिक चेहरों को नए राज्यों में जिम्मेदारी दी गई है।

छह राज्यों में नए राज्यपाल, किसका कैसा रहा राजनीतिक सफर?

छह राज्यों में राज्यपालों का बड़ा फेरबदल

Related posts

mantra of Power to Empower India

‘पावर टू एम्पावर’ का मंत्र, दुनिया की नई अर्थव्यवस्था में भारत की दावेदारी…2026 ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में पीएम मोदी ने कही ये बड़ी बात

October 13, 2026
Opposition unites against the Election Commission

चुनाव आयोग पर विपक्ष का मोर्चा, सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च से सियासी संग्राम तेज

October 13, 2026

संगठन से राजभवन तक, छह चेहरों की कहानी

मध्य प्रदेश के बिसेन को उत्तराखंड की कमान

माथुर और आर्लेकर का नए राज्यों में तबादला

छह राज्य, छह नियुक्तियां, छह राजनीतिक प्रोफाइल

1. डॉ. ढाल सिंह बिसेन
उत्तराखंड के नए राज्यपाल

राजनीतिक पहचान: मध्य प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व लोकसभा सांसद।
जन्म: 14 मई 1952, पिपरिया, सिवनी, मध्य प्रदेश — उपलब्ध विवरण के अनुसार।
राजनीतिक सफर: 1990, 1993, 1998 और 2003 में बरघाट विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2003 से 2005 के बीच मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। परिवहन, वन, खनिज साधन, स्कूल शिक्षा और जेल जैसे विभागों से जुड़े रहे। 2011 से 2013 तक मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे। 2019 में बालाघाट लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए।
विशेष पहचान: प्रदेश की राजनीति से लेकर संसद तक का अनुभव। विधानसभा, मंत्रिमंडल और लोकसभा में काम करने का अनुभव उनकी राजनीतिक यात्रा का प्रमुख पक्ष है।
उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी

2. ओम प्रकाश माथुर…केरल के नए राज्यपाल

संगठन की राजनीति से केरल के राज्यपाल तक

राजनीतिक पहचान: भाजपा के अनुभवी संगठनकर्ता

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश माथुर का राजनीतिक सफर राजस्थान से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा है। लंबे समय तक पार्टी संगठन में सक्रिय रहे माथुर ने विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक और चुनावी जिम्मेदारियां निभाई हैं। पार्टी के विस्तार और राजनीतिक रणनीति से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका रही है।

संगठन में लंबा अनुभव

ओम प्रकाश माथुर राजस्थान से राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के दौरान उन्होंने कई राज्यों में पार्टी के कामकाज और चुनावी गतिविधियों का समन्वय किया। संगठन संचालन और राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ काम करने का अनुभव उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि का अहम हिस्सा है।

नई संवैधानिक जिम्मेदारी

राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव के बाद ओम प्रकाश माथुर को राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी मिली। सिक्किम के राज्यपाल पद से स्थानांतरण के बाद उन्हें केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उनके सार्वजनिक जीवन में एक नया अध्याय है। राजनीतिक संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले माथुर के सामने अब राज्यपाल के संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की जिम्मेदारी है। उनका सफर पार्टी संगठन में काम करने से लेकर संवैधानिक पद तक पहुंचने की राजनीतिक यात्रा को दर्शाता है।

3. राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
तमिलनाडु के नए राज्यपाल

राजनीतिक पहचान: भाजपा के वरिष्ठ नेता और संवैधानिक पदों पर काम करने का अनुभव रखने वाले राजनेता।
राजनीतिक सफर: गोवा की राजनीति में सक्रिय रहे। गोवा विधानसभा के अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री के रूप में काम किया। बाद में राज्यपाल की भूमिका में आए। वे बिहार और केरल के राज्यपाल के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
विशेष पहचान: विधायी प्रक्रिया, विधानसभा संचालन और राज्यपाल के संवैधानिक दायित्वों का अनुभव।
नई जिम्मेदारी: केरल से तमिलनाडु स्थानांतरण। तमिलनाडु में राज्यपाल के रूप में उनकी भूमिका केंद्र और राज्य के संवैधानिक संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण होगी।

4. ब्रज मोहन राम
ओडिशा के नए राज्यपाल

राजनीतिक पहचान: आपके दिए नियुक्ति विवरण में ओडिशा के नए राज्यपाल के रूप में नाम शामिल है।
राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि: इस नाम के साथ जन्मतिथि, गृह राज्य, शैक्षणिक योग्यता, राजनीतिक दल, पूर्व पदों और सार्वजनिक जीवन की उपलब्धियों का विश्वसनीय विवरण उपलब्ध कराए गए संदर्भ में स्पष्ट नहीं है। इसलिए बिना पुष्टि के कोई पद या उपलब्धि जोड़ना उचित नहीं होगा।
नई जिम्मेदारी: ओडिशा के राज्यपाल के रूप में संवैधानिक दायित्व।

5. डॉ. सुधा यादव
कर्नाटक की नई राज्यपाल

शहादत के संकल्प से संवैधानिक जिम्मेदारी तक डॉ. सुधा यादव का सफर

शहादत के बाद सार्वजनिक जीवन में प्रवेश

डॉ. सुधा यादव के जीवन में निर्णायक मोड़ तब आया, जब उनके पति सुखबीर सिंह यादव कारगिल युद्ध में बलिदान हो गए। सीमा सुरक्षा बल में डिप्टी कमांडेंट रहे सुखबीर सिंह यादव की शहादत के बाद उन्होंने व्यक्तिगत दुख को पीछे छोड़कर सार्वजनिक जीवन का रास्ता चुना। भाजपा ने 1999 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हरियाणा की महेंद्रगढ़ सीट से उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में डॉ. सुधा यादव ने कांग्रेस के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह को पराजित कर बड़ी राजनीतिक उपलब्धि हासिल की। यह जीत उनके लिए संसद तक पहुंचने का रास्ता बनी और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी पहचान स्थापित हुई।

चुनावी हार के बाद भी संगठन से जुड़ाव

राष्ट्रीय नेतृत्व का भरोसा

डॉ. सुधा यादव भाजपा के संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। इन दायित्वों ने पार्टी के भीतर उनकी संगठनात्मक स्वीकार्यता और अनुभव को रेखांकित किया।
कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति अब उनके सार्वजनिक जीवन का नया अध्याय है। चुनावी राजनीति से संवैधानिक पद तक पहुंचा उनका सफर बताता है कि राजनीतिक जीवन में सफलता का पैमाना केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि निरंतर सक्रियता, अनुभव और जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्धता भी है।

6. दुष्यंत गौतम
सिक्किम के नए राज्यपाल

राजनीतिक पहचान: BJP के वरिष्ठ नेता-संगठनात्मक राजनीति से जुड़े
राजनीतिक सफर: दुष्यंत गौतम भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे हैं। वे पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी रह चुके हैं और दिल्ली की राजनीति में भी उनकी पहचान रही है। उनका राजनीतिक अनुभव संगठन, सामाजिक संपर्क और पार्टी की गतिविधियों से जुड़ा रहा है।

विशेष पहचान: संगठनात्मक अनुभव और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रियता।

नई जिम्मेदारी: सिक्किम के राज्यपाल के रूप में संवैधानिक दायित्व।

तीन प्रोफाइल जिन पर विशेष ध्यान जरूरी है

डॉ. सुधा यादव: हरियाणा से राष्ट्रीय राजनीति तक

डॉ. सुधा यादव की पहचान भाजपा की वरिष्ठ महिला नेताओं में है। वे हरियाणा के महेंद्रगढ़ से 1999 में लोकसभा सांसद चुनी गई थीं और 2004 तक संसद में रहीं। इसके बाद वे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य रहीं। अगस्त 2022 में भाजपा के संसदीय बोर्ड में शामिल होना उनके संगठनात्मक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर और पीएचडी की बताई जाती है।

दुष्यंत गौतम: संगठन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा सफर

दुष्यंत गौतम का जन्म 29 दिसंबर 1957 को दिल्ली में हुआ। राज्यसभा के आधिकारिक जीवन-वृत्त के अनुसार उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने 1997 से लेकर साल 2002 तक दिल्ली में पार्षद की जिम्मेदारी भी निभाई है। इसके करीब 18 साल बाद मार्च 2020 में वे हरियाणा से राज्यसभा के लिए चुने गए। संसद पहुंचे तो उन्होंने श्रमसंबंधी समिति में भी अच्छा काम किया।

ओम प्रकाश माथुर: संगठन से राजभवन तक

ओम प्रकाश माथुर का जन्म 2 जनवरी 1952 को राजस्थान के पाली जिले के बेदल गांव में हुआ। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। उनका सार्वजनिक जीवन 1970 के दशक से सक्रिय रहा है। भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे और राजस्थान से दो बार राज्यसभा के सदस्य चुने गए। छत्तीसगढ़ और गुजरात सहित विभिन्न राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से भी जुड़े रहे।
राजनीतिक महत्व: संगठनात्मक अनुभव, चुनावी रणनीति और विभिन्न राज्यों में पार्टी के लिए काम करने की पृष्ठभूमि। सिक्किम में राज्यपाल के रूप में दो वर्ष से अधिक समय बिताने के बाद केरल स्थानांतरण उनके प्रशासनिक सफर का अगला पड़ाव है।

ब्रज मोहन राम: झारखंड की राजनीति से ओडिशा तक

ब्रज मोहन राम झारखंड के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में हुआ था। उन्होंने बीए की शिक्षा प्राप्त की। उनका राजनीतिक सफर बिहार विधानसभा से शुरू हुआ, जहां वे 1991 से 1995 तक विधायक रहे। इसके बाद वे पलामू लोकसभा क्षेत्र से 1996, 1998 और 1999 में वे सांसद भी चुने गए थे। ब्रज मोहन राम का संसदीय कार्यकाल साल 2004 तक रहा था।

राजनीतिक महत्व: विधानसभा और लोकसभा, दोनों स्तरों का अनुभव। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पलामू क्षेत्र से प्रतिनिधित्व ने उन्हें झारखंड-बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में पहचान दिलाई। ओडिशा के राज्यपाल के तौर पर उनकी इस नई नियुक्ति के साथ उन्हें संवैधानिक संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डॉ. ढाल सिंह बिसेन: मध्य प्रदेश की राजनीति का लंबा अनुभव

डॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को सिवनी जिले के पिपरिया में हुआ। लोकसभा के आधिकारिक जीवन-वृत्त के अनुसार उन्होंने छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज, रायपुर से चिकित्सा संबंधी शिक्षा प्राप्त की। वे कृषक और चिकित्सा व्यवसायी भी रहे। 1990 से 2008 के बीच चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। वर्ष 2019 में बालाघाट से लोकसभा सांसद चुने गए।

राजनीतिक महत्व: ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ाव, विधानसभा में लंबा अनुभव, राज्य मंत्रिमंडल में काम और संसद की भूमिका। उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति उनके राजनीतिक जीवन से संवैधानिक दायित्व की ओर बदलाव है।

छह नियुक्तियों का राजनीतिक विश्लेषण

मध्य प्रदेश: डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति राज्य की राजनीति और उत्तराखंड के नए संवैधानिक नेतृत्व के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

केरल: ओम प्रकाश माथुर का स्थानांतरण भाजपा संगठन और राज्यपाल के रूप में उनके अनुभव को नई जिम्मेदारी से जोड़ता है।

तमिलनाडु: राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को पहले से राज्यपाल का अनुभव है। यह नियुक्ति उनके लिए नए राज्य में संवैधानिक भूमिका निभाने का अवसर है।

ओडिशा: ब्रज मोहन राम को संसदीय और विधायी अनुभव के साथ नई जिम्मेदारी मिली है।

कर्नाटक: डॉ. सुधा यादव का राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव उनकी नियुक्ति का प्रमुख पहलू है।

सिक्किम: दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के साथ राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े एक नेता को राज्यपाल की जिम्मेदारी दी गई है।

Tags: #Six new governors #states connections and political journey
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

Modi Yogi 75 minute meeting

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

उत्तर प्रदेश
अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन
हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

स्पेशल

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version