श्रुति हासन ने पीरियड्स पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘मर्दों को भी पीरियड्स आएं, तभी समझ आएगा दर्द’
अभिनेत्री श्रुति हासन ने मासिक धर्म और उससे जुड़े दर्द को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। सोहा अली खान के शो में बातचीत के दौरान श्रुति ने कहा कि कार्यस्थल पर पीरियड्स के दर्द को अभी भी गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि अगर पीरियड लीव को वर्क कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा बना दिया जाए, तो उन्हें बेहद खुशी होगी।
‘मर्द खुद गुजरेंगे, तभी समझेंगे पीरियड्स का दर्द’
श्रुति हासन ने कहा कि पुरुष पीरियड्स के दर्द को शायद तभी समझ पाएंगे, जब उन्हें खुद इस अनुभव से गुजरना पड़े। उन्होंने मजाकिया लेकिन गंभीर अंदाज में कहा कि वह हजार बार प्रार्थना करती हैं कि पुरुषों को भी पीरियड्स आएं, क्योंकि उसके बाद ही इसका समाधान निकलेगा। उनका कहना था कि तब शायद पीरियड्स की छुट्टी भी वर्क कॉन्ट्रैक्ट में लिखी जाएगी।
सोहा अली खान भी श्रुति की बात से सहमत नजर आईं और उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि इसके बाद पुरुषों के बीच यह प्रतियोगिता शुरू हो सकती है कि किसे ज्यादा ब्लीडिंग होती है या किसका टैम्पोन कितना बड़ा है।
PCOS की वजह से झेलती हैं ज्यादा दर्द
श्रुति हासन ने बताया कि उन्हें PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की वजह से पीरियड्स के दौरान काफी दर्द होता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि करियर के शुरुआती दौर में वह इस बारे में खुलकर बात नहीं करती थीं। उन्हें लगता था कि पीरियड्स जैसे विषयों पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा ही नहीं होती।
श्रुति की बातचीत ने एक बार फिर पीरियड्स, कार्यस्थल पर महिलाओं की जरूरतों और पीरियड लीव को लेकर बहस को सामने ला दिया है। उनकी बात का केंद्रीय सवाल यही है कि जब मासिक धर्म महिलाओं के काम और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, तो क्या कार्यस्थल की नीतियों में इसे पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है?





