Stock Market Updates: शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 116 अंक फिसला; महंगा तेल और पश्चिम एशिया तनाव ने बढ़ाई चिंता

शेयर बाजार में कमजोरी, लाल निशान में खुले सेंसेक्स-निफ्टी

भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को कारोबारी सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ की। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने घरेलू निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में नजर आए। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 116 अंक की गिरावट के साथ 77,892 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई का निफ्टी 22 अंक फिसलकर 24,343 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करता दिखा। बाजार में फिलहाल निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।

पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का है। होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते शिपिंग गतिविधियों में बाधा की आशंका ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इस घटनाक्रम का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड करीब 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल बड़ी चिंता है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल की कीमतों में लगातार तेजी से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई के साथ कंपनियों की लागत पर भी दबाव पड़ सकता है।

कमजोर वैश्विक संकेतों का घरेलू बाजार पर असर

भारतीय बाजार को विदेशी बाजारों से भी मजबूत सपोर्ट नहीं मिला। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। ब्रॉड मार्केट इंडेक्स 0.2 फीसदी गिरकर 7,785.76 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट में 0.3 फीसदी की गिरावट रही और यह 26,729.16 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 107.58 अंक यानी करीब 0.2 फीसदी फिसलकर 53,732.41 पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों की इस कमजोरी का असर सोमवार को एशियाई बाजारों के रुख पर भी दिखाई दे रहा है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार

सोमवार को एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला और सतर्क कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान का निक्केई 225 शुरुआती कारोबार में करीब 0.4 फीसदी ऊपर रहा, जबकि टॉपिक्स में 0.11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का बाजार छुट्टी के चलते बंद है। ऐसे में वैश्विक निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल पर बनी हुई है। घरेलू बाजार में भी निवेशक जोखिम को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

आगे क्या रहेगा बाजार के लिए अहम?

अब बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया से जुड़ी खबरें और विदेशी बाजारों की चाल अहम भूमिका निभाएगी। अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है और तेल की कीमतें और ऊपर जाती हैं, तो भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और प्रमुख सेक्टरों के प्रदर्शन पर भी बाजार की नजर रहेगी। सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत के बाद कारोबारी दिन में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना बनी हुई है। फिलहाल बाजार में सावधानी, महंगा तेल और ग्लोबल अनिश्चितता तीन बड़े जोखिम के तौर पर सामने हैं।

 

Exit mobile version