Share Market: शुरुआती झटके के बाद संभला शेयर बाजार, बैंकिंग शेयरों की खरीदारी से लौटी रौनक; सेंसेक्स-निफ्टी ने दिखाई मजबूती

भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को कमजोर शुरुआत के बावजूद शानदार वापसी की। सुबह भारी दबाव में खुलने के बाद बाजार में खरीदारी बढ़ी और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में लौट आए। बैंकिंग शेयरों में आई मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जबकि वैश्विक तनाव और महंगे होते कच्चे तेल के बीच बाजार ने लचीलापन दिखाया।

वैश्विक दबाव के बीच शुरुआती कारोबार में बाजार पर हावी रही बिकवाली

कारोबार की शुरुआत में निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। निफ्टी 50 शुरुआती सत्र में 123 अंक फिसलकर 23,283 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स भी करीब 450 अंक टूटकर 73,900 से 74,000 के दायरे में आ गया था। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों ने शुरुआत में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।

बैंकिंग शेयर बने बाजार के सबसे बड़े सहारे, सेंसेक्स-निफ्टी ने की वापसी

दिन चढ़ने के साथ बाजार में खरीदारी लौटने लगी। बैंकिंग सेक्टर के बड़े शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूती मिली। सेंसेक्स 122 अंकों की बढ़त के साथ 74,468 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 7 अंक मजबूत होकर 23,412.60 पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी ने गिरावट को सीमित रखने में अहम भूमिका निभाई।

महिंद्रा, टाइटन और एशियन पेंट्स समेत कई दिग्गज शेयरों में दिखी चमक

आज के कारोबार में कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। बैंकिंग शेयरों के अलावा इटरनल के शेयरों में 4.31% की बढ़त दर्ज की गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन और एशियन पेंट्स भी टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे। इन शेयरों में आई तेजी ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाने में मदद की और प्रमुख सूचकांकों को संभालने का काम किया।

अमेरिका-ईरान तनाव और महंगा होता कच्चा तेल निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा

वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसके असर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 97.07 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 95.43 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। भारत जैसे कच्चे तेल के आयात पर निर्भर देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई और आयात लागत पर असर पड़ सकता है।

अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट, डॉलर इंडेक्स और रुपये पर भी नजर

बीती रात अमेरिकी शेयर बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई। डाऊ जोन्स इंडेक्स 620.72 अंक टूट गया, जबकि नैस्डेक कम्पोजिट में 240 अंकों की गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर डॉलर इंडेक्स 0.09% की कमजोरी के साथ 99.45 पर कारोबार करता नजर आया। भारतीय रुपया भी पिछले कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले 0.45% कमजोर होकर 95.71 पर बंद हुआ था। वैश्विक घटनाक्रमों के बीच निवेशकों की नजर अब अमेरिकी आर्थिक संकेतकों और कच्चे तेल की चाल पर बनी हुई है।

 

 

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