Share Market: 800 अंकों की गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में खुले लेकिन जल्द ही दबाव में आए

बुधवार की भारी बिकवाली के बाद बाजार ने दिखाई मजबूती, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 100 अंक चढ़ा

लगातार गिरावट के बाद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ की। बुधवार को सेंसेक्स में 813 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज हुई थी, जिसके बाद निवेशकों को आज बाजार से कुछ राहत की उम्मीद थी। सुबह 9:15 बजे बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 100 अंक ऊपर गया और 74,865 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। हालांकि, इसकी शुरुआती स्थिति 74,742.54 के स्तर पर रही। निफ्टी भी मजबूती के साथ 23,446.60 पर खुला।

हरे निशान में खुलने के बाद बाजार की तेजी ज्यादा देर नहीं टिकी, कारोबार में उतार-चढ़ाव जारी

शुरुआती बढ़त के बावजूद बाजार में तेजी का भरोसा कायम नहीं रह सका। कुछ ही देर में सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बढ़ा और बाजार लाल निशान की तरफ जाता नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 17 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 13 शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। इससे साफ रहा कि बाजार में खरीदारी और बिकवाली के बीच मुकाबला बना हुआ है और फिलहाल कारोबार की दिशा पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

NTPC से लेकर टाटा स्टील तक कई शेयरों में खरीदारी, दूसरी तरफ बड़े नामों पर बिकवाली का दबाव

बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में NTPC, अडानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक, इटरनल यानी जोमैटो, टाटा स्टील, टाइटन, एशियन पेंट्स और इंडिगो शामिल रहे। मारुति, बजाज फिनसर्व, इंफोसिस और HDFC बैंक में भी शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती दिखाई दी। वहीं ICICI बैंक, TCS, ITC, कोटक बैंक, सनफार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और पावरग्रिड जैसे शेयर दबाव में रहे। बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी गिरावट देखने को मिली।

कच्चा तेल 100 डॉलर के पार रहा तो GDP और कंपनियों की कमाई पर पड़ सकता है असर

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत है और चालू खाता घाटा भी नियंत्रण में है। इसके बावजूद अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती है तो इसका असर देश की GDP ग्रोथ और कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकता है। उनके अनुसार एविएशन, पेंट्स, एडहेसिव्स, टायर्स और केमिकल्स जैसे ऊर्जा पर ज्यादा निर्भर सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।

पिछली गिरावट में निवेशकों के ₹3.34 लाख करोड़ डूबे, अब FMCG और हेल्थकेयर पर नजर

9 सितंबर को सेंसेक्स 1.08 फीसदी गिरकर 74,764.23 पर बंद हुआ था। इसमें 813.35 अंकों की गिरावट रही, जबकि निफ्टी 0.86 फीसदी टूटकर 23,431.50 पर बंद हुआ और 203.60 अंक नीचे रहा। शुरुआती गिरावट के बीच निवेशकों की करीब 3.34 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति घट गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगे कच्चे तेल के माहौल में FMCG, फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर जैसे अपेक्षाकृत रक्षात्मक सेक्टर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

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