सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार ने संभलते हुए दिन का कारोबार मामूली बढ़त के साथ समाप्त किया। वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद घरेलू बाजार ने अपने प्रमुख सपोर्ट स्तर बनाए रखे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों का भरोसा कायम है और बाजार की दीर्घकालिक दिशा अभी भी सकारात्मक बनी हुई है।
शुरुआती दबाव के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने संभाली बढ़त
कारोबार के दौरान बाजार में शुरुआत कमजोर रही, लेकिन बाद में खरीदारी लौटने से प्रमुख सूचकांकों ने रिकवरी की। बीएसई सेंसेक्स 47.01 अंकों की बढ़त के साथ 77,616.40 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 4.10 अंक चढ़कर 24,211 के स्तर पर पहुंच गया। सीमित बढ़त के बावजूद दोनों प्रमुख सूचकांक अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों के ऊपर बने रहे, जिसे बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
आईटी शेयरों ने दिखाई मजबूती, कई सेक्टर दबाव में रहे
दिनभर के कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। टीसीएस, एचसीएल टेक, इंफोसिस, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं टाटा स्टील, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), आईटीसी और ट्रेंट जैसे शेयर दबाव में रहे। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जबकि एफएमसीजी और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।
कच्चे तेल और सोने की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर
वैश्विक बाजार में भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 77.33 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि सोने का भाव 4,072.34 डॉलर प्रति औंस के करीब रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम आने वाले दिनों में घरेलू बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विशेषज्ञों की राय: गिरावट पर खरीदारी की रणनीति फिलहाल बेहतर
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार केवल एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और इसमें किसी बड़ी कमजोरी के संकेत नहीं हैं। निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,250 के ऊपर टिकने पर तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है। वहीं यदि सूचकांक 24,100 के नीचे फिसलता है तो मुनाफावसूली बढ़ सकती है। फिलहाल जानकार निवेशकों को ‘बाय ऑन डिप्स’ यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं।





