27 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद उतार-चढ़ाव भरे माहौल में हुई। सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी कभी हल्की बढ़त तो कभी मामूली गिरावट में कारोबार करते दिखाई दिए। निवेशकों के बीच फिलहाल साफ तौर पर सावधानी का माहौल बना हुआ है। ग्लोबल तनाव, लगातार ऊंचे बने कच्चे तेल के दाम और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की रफ्तार धीमी कर दी है। यही वजह रही कि शुरुआती कारोबार में बाजार मजबूती नहीं दिखा पाया।
सुबह की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने दिखाई सुस्ती
शुरुआती ट्रेडिंग के दौरान BSE सेंसेक्स करीब 75,300 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि NSE निफ्टी 23,700 के करीब सपाट स्थिति में बना रहा। बाजार खुलते ही कुछ मिनटों तक खरीदारी जरूर दिखाई दी, लेकिन तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। हल्की बढ़त मिलते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे इंडेक्स फिर नीचे फिसलने लगे। बाजार के इस कमजोर मूड ने साफ कर दिया कि फिलहाल निवेशक बड़े दांव लगाने के मूड में नहीं हैं।
अंतरराष्ट्रीय तनाव और महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की बेचैनी
दुनियाभर के बाजारों से मिले-जुले संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अभी भी निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। विदेशी निवेशकों का भरोसा भी अभी पूरी तरह मजबूत नहीं दिखाई दे रहा।
आईटी सेक्टर के शेयरों ने बाजार को गिरने से कुछ हद तक संभाला
आज के कारोबार में आईटी सेक्टर ने थोड़ी मजबूती दिखाई। रुपये में कमजोरी आने से आईटी कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद बढ़ी है, जिसकी वजह से कई बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इसी कारण बाजार को थोड़ा सपोर्ट मिला। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग और ऑटो सेक्टर दबाव में दिखाई दिए। बढ़ती तेल कीमतों का असर ऑटो कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है, इसलिए निवेशक फिलहाल इस सेक्टर में सतर्क नजर आए।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार पर बना रही दबाव
मार्केट विश्लेषकों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs पिछले कई कारोबारी सत्रों से लगातार बिकवाली कर रहे हैं। विदेशी फंड्स के पैसे निकालने का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। यही वजह है कि बाजार में आने वाली छोटी तेजी भी ज्यादा समय तक टिक नहीं पा रही। निवेशक फिलहाल सुरक्षित और स्थिर निवेश विकल्पों की तरफ ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक विदेशी निवेशकों की वापसी नहीं होती, तब तक बाजार में मजबूती आना मुश्किल रहेगा।
Coal India और Marico समेत एनर्जी शेयरों पर रही खास नजर
आज के कारोबार में Coal India, Marico और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कई कंपनियों के शेयर चर्चा में बने रहे। तेल और ऊर्जा सेक्टर में चल रही हलचल की वजह से इन शेयरों में भी एक्टिविटी बढ़ी हुई दिखाई दी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। हर दिन आने वाली अंतरराष्ट्रीय खबरें बाजार की दिशा बदल रही हैं। ऐसे में लंबी अवधि के निवेश के लिए मजबूत कंपनियों का चयन करना ज्यादा बेहतर माना जा रहा है। आने वाले दिनों में तेल की कीमतें, डॉलर इंडेक्स और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार का मूड तय करेंगी। फिलहाल बाजार में सबसे ज्यादा दिख रही चीज है — सतर्कता और इंतजार।
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