भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 07 मई 2026 को लगातार दूसरे दिन मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। घरेलू निवेशकों के साथ-साथ विदेशी संकेतों ने भी बाजार का माहौल सकारात्मक बनाए रखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले। एशियाई बाजारों में आई तेज उछाल, अमेरिकी बाजार की रिकॉर्ड क्लोजिंग और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। आज Dabur, Biocon, Pidilite और Bharat Forge जैसी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी ने दिखाई मजबूत पकड़
आज सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 380 अंकों की तेजी के साथ 78,339 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 67 अंक चढ़कर 24,398 के स्तर पर पहुंच गया। बैंकिंग, आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार में मजबूती बनी रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है और कंपनियों के बेहतर नतीजों की उम्मीद बाजार को सपोर्ट दे रही है। आज कई दिग्गज कंपनियां अपने वित्तीय नतीजे पेश करेंगी, जिसके कारण उनके शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।
एशियाई बाजारों की शानदार तेजी ने निवेशकों का बढ़ाया भरोसा
एशियाई शेयर बाजारों में आज जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों ने निवेशकों का सेंटिमेंट मजबूत किया है। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स पहली बार 62,000 के पार पहुंच गया और इसमें 4 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स भी 1.2 से 1.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 1.17 प्रतिशत ऊपर रहा, हालांकि स्मॉल-कैप Kosdaq इंडेक्स में हल्की कमजोरी देखने को मिली। एशियाई बाजारों की इस तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ नजर आया।
अमेरिकी बाजारों ने बनाया नया रिकॉर्ड, निवेशकों में लौटा उत्साह
बुधवार रात अमेरिकी शेयर बाजार शानदार बढ़त के साथ बंद हुए। S&P 500 इंडेक्स 1.46 प्रतिशत चढ़कर 7,365.12 पर बंद हुआ। वहीं Nasdaq Composite में 2.02 प्रतिशत की तेजी रही और यह 25,838.94 के स्तर पर पहुंच गया।
Dow Jones Industrial Average भी 612.34 अंकों की छलांग लगाकर 49,910.59 पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों में तेजी की मुख्य वजह अमेरिका-ईरान संबंधों में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता को माना जा रहा है। रिकॉर्ड स्तर पर हुई क्लोजिंग ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच बाजार की नजर बनी हुई है
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज हल्की बढ़त देखने को मिली। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 1.24 प्रतिशत बढ़कर 96.23 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। वहीं ब्रेंट क्रूड 0.92 प्रतिशत की तेजी के साथ 102.11 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
COMEX पर भी कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव कम होता है तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में स्थिरता देखने को मिल सकती है।
डॉलर इंडेक्स और रुपये की चाल पर भी बाजार की पैनी नजर
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) आज मामूली मजबूती के साथ 98.05 पर पहुंच गया। यह इंडेक्स दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाता है। दूसरी ओर भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ है। 06 मई को रुपया डॉलर के मुकाबले 0.71 प्रतिशत मजबूत होकर 94.61 के स्तर पर बंद हुआ।
रुपये की मजबूती को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विदेशी निवेशकों की वापसी और मजबूत घरेलू मांग आने वाले दिनों में बाजार को नई ऊंचाई दे सकती है।





