भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार 29 मई को मजबूत शुरुआत के साथ कारोबार शुरू किया। ग्लोबल संकेतों से मिले सपोर्ट और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 207 अंकों की मजबूती के साथ 76,075 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 35 अंक चढ़कर 23,942 पर ट्रेड करता नजर आया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर घरेलू बाजार में साफ दिखाई दिया।
अमेरिका-ईरान के बीच नरम पड़ते तनाव ने बाजार को दिया बड़ा सहारा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आने के बाद निवेशकों का रुख बदला हुआ नजर आया। लंबे समय से जारी तनाव में कमी आने की उम्मीद से दुनियाभर के बाजारों में राहत का माहौल बना। इसी वजह से भारतीय शेयर बाजार में भी खरीदारी बढ़ी और शुरुआती कारोबार में बाजार हरे निशान में खुला।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों को मिली राहत
ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत घटकर 91.74 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं WTI क्रूड करीब 88.27 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। तेल की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। यही कारण है कि निवेशकों ने बाजार में जमकर खरीदारी की और कई सेक्टर्स में तेजी दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में भी दिखी शानदार मजबूती
शुक्रवार को एशिया के कई बड़े बाजार भी मजबूती के साथ खुले। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.88 फीसदी चढ़ा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 0.53 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.68 फीसदी उछल गया। इसके अलावा कोस्डैक इंडेक्स में भी बढ़त देखने को मिली। एशियाई बाजारों में आई इस मजबूती ने भारतीय बाजार को भी सपोर्ट दिया।
अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी शानदार तेजी देखने को मिली। टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से Nasdaq Composite 0.91 फीसदी चढ़कर 26,917.47 पर पहुंच गया। वहीं S&P 500 इंडेक्स 0.58 फीसदी की बढ़त के साथ 7563.63 के स्तर पर बंद हुआ। Dow Jones इंडेक्स भी मामूली बढ़त के साथ 50,668.97 पर पहुंच गया।
निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल पर टिकी
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। अगर वैश्विक तनाव में और कमी आती है तो भारतीय बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना हुआ है।