सोमवार को कारोबारी सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए भारी दबाव के साथ हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर बनी अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब 6 लाख करोड़ रुपये की कमी दिखाई दी। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, ऊंचे तेल भाव और विदेशी निवेशकों की सतर्कता भी बाजार के माहौल पर असर डाल रही है।
सेंसेक्स की कमजोर शुरुआत ने बढ़ाई बाजार की चिंता
सोमवार सुबह सेंसेक्स 73,734.83 के स्तर पर खुला। इसके बाद बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। सुबह 9:45 बजे तक सेंसेक्स 888.18 अंक टूटकर 73,182.42 के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान इंडेक्स करीब 1.20 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के ज्यादातर शेयर लाल निशान में रहे, जिससे बाजार में कमजोरी का व्यापक असर दिखाई दिया।
निफ्टी भी 23 हजार के नीचे फिसला
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी गिरावट के साथ 23,064.90 के स्तर पर खुला। सुबह 9:46 बजे तक इसमें 270.55 अंकों यानी करीब 1.17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,869.95 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इससे साफ रहा कि बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है। इससे पहले भी ऊंचे तेल भाव और वैश्विक अनिश्चितता भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
सेंसेक्स के 30 में सिर्फ 2 शेयर चढ़े
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल दो शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जबकि बाकी 28 शेयरों में गिरावट रही। तेजी वाले शेयरों में TCS करीब 0.33 फीसदी ऊपर रहा। दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस में करीब 1.11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में व्यापक बिकवाली का संकेत इस बात से भी मिला कि गिरावट केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही।
पश्चिम एशिया का तनाव और महंगा कच्चा तेल बना बड़ा दबाव
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में पश्चिम एशिया की स्थिति और अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़ी अनिश्चितता शामिल है। इसके साथ कच्चे तेल की कीमत करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई और इसमें लगभग 2 फीसदी की तेजी आई। तेल महंगा होने से भारत जैसे बड़े आयातक देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक ऊंचे तेल भाव और वैश्विक जोखिम से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
निवेशकों की संपत्ति में करीब 6 लाख करोड़ की कमी
शेयर बाजार में तेज गिरावट का सीधा असर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण पर पड़ा। शुरुआती कारोबार के दौरान निवेशकों की संपत्ति में करीब 6 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। ऐसे माहौल में निवेशकों की नजर अब पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के अगले संकेतों पर बनी हुई है।





