भारतीय शेयर बाजार ने कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बेहद कमजोर शुरुआत की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक चिंता और वैश्विक बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने दुनियाभर के बाजारों में बेचैनी बढ़ा दी है, जिसका असर शुक्रवार सुबह दलाल स्ट्रीट पर साफ दिखाई दिया। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में आ गए और शुरुआती कारोबार में ही बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने निवेशकों को किया सतर्क, बाजार में दिखी घबराहट वाली बिकवाली
सुबह कारोबार शुरू होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 212 अंकों की कमजोरी के साथ 77,631 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 भी 93 अंक टूटकर 24,233 पर पहुंच गया। शुरुआती कुछ ही मिनटों में बिकवाली का दबाव और बढ़ा, जिसके बाद सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा फिसल गया। निवेशकों में इस बात की चिंता बढ़ रही है कि अगर मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव, बड़े शेयरों में आई कमजोरी
आज के कारोबार में बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में नजर आए। खासतौर पर निजी बैंकिंग शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। HDFC Bank
और Axis Bank
जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली बढ़ने से बाजार का मूड और कमजोर हुआ। निफ्टी के अधिकतर सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ रुख करना शुरू कर दिया है, जिससे इक्विटी बाजार पर दबाव बढ़ा है।
चौथी तिमाही के नतीजों पर टिकी बाजार की नजर, कई बड़ी कंपनियां जारी करेंगी रिपोर्ट
शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों की नजर आज आने वाले चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों पर भी बनी हुई है। Tata Consumer Products
, Titan Company
, Swiggy
, Bank of Baroda
और Kalyan Jewellers
जैसी कंपनियों के नतीजों का बाजार पर असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा OnEMI टेक्नोलॉजी की शेयर बाजार में लिस्टिंग भी निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा भारी
ग्लोबल मार्केट में भी आज कमजोरी का माहौल बना रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 0.63 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.85 प्रतिशत नीचे रहा। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई थी। S&P 500 और नैस्डैक दोनों दबाव में बंद हुए थे। वैश्विक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 101 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई है।
निवेशकों के लिए बढ़ी चिंता, आने वाले दिनों में बाजार में रह सकती है भारी उतार-चढ़ाव की स्थिति
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कच्चे तेल की कीमतों पर अब बाजार की नजर रहेगी। अगर भू-राजनीतिक हालात और बिगड़ते हैं तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में और दबाव देखने को मिल सकता है।





