भारतीय शेयर बाजार ने आज यानी 30 अक्टूबर को बड़ी गिरावट के साथ शुरुआत की। एक दिन पहले तेजी दिखाने वाले सेंसेक्स और निफ्टी फिर से लाल निशान में लौट आए। निवेशकों के बीच घबराहट देखने को मिली और बाजार के सभी प्रमुख सेक्टर्स पर दबाव बना रहा। सेंसेक्स 84,750.90 पर खुलकर दिनभर में 612.74 अंकों की गिरावट के साथ 84,384.39 तक लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी 25,984.40 पर खुला और फिसलकर 25,865.30 के निचले स्तर पर पहुंच गया। आइए जानते हैं गिरावट की तीन बड़ी वजहें।
फेडरल रिजर्व के संकेतों से बढ़ी चिंता
अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दर में 0.25% की कटौती की है, लेकिन चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने यह भी साफ किया कि आगे दरों में ढील की उम्मीद फिलहाल नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी आर्थिक आंकड़े स्थिर नहीं हैं और सरकार के शटडाउन के कारण आगे की नीति पर असमंजस है। पॉवेल के इस बयान ने वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा को कमजोर कर दिया, जिसका असर भारत सहित अन्य उभरते बाजारों पर भी पड़ा।
विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
बाजार गिरावट की दूसरी बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली रही। FII (Foreign Institutional Investors) ने बुधवार को करीब ₹2,540.16 करोड़ के शेयर बेच डाले। लगातार कैश आउटफ्लो से घरेलू बाजार की लिक्विडिटी पर दबाव बना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले दिनों में बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
अस्थिरता सूचकांक में बढ़ोतरी
भारत का वॉलेटिलिटी इंडेक्स India VIX आज 1.44% बढ़कर 12.15 पर पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। निवेशकों में डर का माहौल है और छोटे निवेशक फिलहाल दूर रहने की रणनीति अपना रहे हैं।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। एक दिन पहले सेंसेक्स 368 अंक बढ़ा था और निफ्टी ने भी 26,053 के ऊपर क्लोजिंग दी थी, लेकिन आज की गिरावट ने उस बढ़त को मिटा दिया। अब बाजार की नजर अगले फेड अपडेट और घरेलू तिमाही नतीजों पर है।
नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।





