भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत करते हुए निवेशकों को राहत दी। पिछले सत्र में गिरावट के बाद बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाई और शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स व निफ्टी दोनों हरे निशान में पहुंच गए। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। यही वजह रही कि घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल बनी रहती हैं और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजार की मजबूती जारी रह सकती है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 277 अंकों की बढ़त के साथ 77,005 के स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 85.80 अंकों की तेजी लेकर 24,032.05 पर कारोबार करता दिखाई दिया। निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है।
पिछले कारोबारी दिन की कमजोरी के बाद भारतीय बाजार ने दिखाई मजबूत रिकवरी
बीते कारोबारी सत्र में बाजार पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला था, जिससे सेंसेक्स 372 अंक नीचे बंद हुआ था। हालांकि सोमवार को तस्वीर पूरी तरह बदल गई। कारोबार शुरू होते ही बाजार में खरीदारी हावी रही और प्रमुख सूचकांक तेजी के साथ खुले। सेंसेक्स 277 अंकों की बढ़त लेकर 77,005 के स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी ने पिछले बंद स्तर 23,946.25 की तुलना में 85.80 अंकों की छलांग लगाते हुए 24,032.05 का स्तर छू लिया। शुरुआती रुझान ने यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हुआ है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला प्रदर्शन, जापान और दक्षिण कोरिया ने दिखाई मजबूती
महीने के आखिरी कारोबारी दिन एशियाई शेयर बाजारों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी लगभग 1.17 प्रतिशत मजबूत रहा। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करता दिखा। एशियाई बाजारों का यह मिश्रित प्रदर्शन बताता है कि वैश्विक निवेशक अभी भी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिकी शेयर बाजारों की रिकॉर्ड तेजी ने वैश्विक निवेशकों का बढ़ाया उत्साह
रविवार रात अमेरिकी बाजारों में भी शानदार तेजी दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर दिखाई दिया। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.59 प्रतिशत की मजबूती के साथ 52,182.74 के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.18 प्रतिशत बढ़कर 7,440.43 पर पहुंच गया। टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के चलते नैस्डैक कम्पोजिट 2.07 प्रतिशत उछलकर 25,820.14 के स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों की यह मजबूती वैश्विक निवेशकों के सकारात्मक रुख को दर्शाती है।
अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा दोहा में शांति वार्ता आगे बढ़ने की खबरों ने ऊर्जा बाजार को राहत दी है। इससे कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बनी चिंताएं कमजोर हुई हैं। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 70.31 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं अगस्त डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड 0.77 प्रतिशत फिसलकर 72.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 75 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे है। COMEX पर क्रूड ऑयल की कीमत भी 0.75 प्रतिशत घटकर 70.22 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई।
घरेलू निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेश पर टिकी
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता बनी रहती है और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में और कमी आती है तो भारतीय शेयर बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और आने वाले कॉर्पोरेट नतीजे बाजार की अगली दिशा तय करेंगे। फिलहाल शुरुआती कारोबार ने यह संकेत दिया है कि निवेशकों का भरोसा फिर लौटता दिखाई दे रहा है और बाजार नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।