फेज-2 में पलटेगी बाजी? बंगाल में ‘नंबर गेम’ से समझिए तस्वीर
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान सियासी समीकरण तय करने वाला माना जा रहा है। 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोटिंग के साथ मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। एक तरफ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) है, तो दूसरी ओर चुनौती पेश कर रही भारतीय जनता पार्टी।
रिकॉर्ड वोटिंग ने बढ़ाई सस्पेंस
पहले चरण में 92% से ज्यादा मतदान ने सभी को चौंका दिया। 2021 के मुकाबले करीब 9% ज्यादा वोटिंग ने संकेत दिया है कि जनता इस बार ज्यादा सक्रिय है—और यही बढ़ी भागीदारी चुनाव का रुख बदल सकती है।
SIR के बाद बदला समीकरण
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव हुआ है।
- कुल 52-53 लाख नए वोटर जुड़े
- 36-37 लाख नाम हटाए गए
- नेट बढ़ोतरी: 15-16 लाख वोटर
यह बदलाव सीधे तौर पर सीटों के परिणाम पर असर डाल सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां मुकाबला कड़ा है।
बीजेपी के लिए असली चुनौती
आंकड़े बताते हैं कि कई सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी कभी नहीं जीती या सिर्फ एक बार जीत दर्ज कर पाई है। दूसरे चरण की 142 सीटों में बड़ी संख्या ऐसी है, जहां पार्टी को इतिहास बदलना होगा।
TMC की बढ़त या एंटी-इंकंबेंसी?
TMC अपने मजबूत संगठन और ग्राउंड नेटवर्क के दम पर बढ़त बनाए रखना चाहती है, लेकिन बढ़ी हुई वोटिंग को विपक्ष बदलाव की लहर मान रहा है।
क्या कहता है ‘नंबर गेम’?
बढ़ा हुआ मतदान, बदली वोटर लिस्ट और कठिन सीटों का गणित—तीनों मिलकर यह संकेत दे रहे हैं कि फेज-2 में मुकाबला कांटे का हो सकता है। अब नजर इस पर है कि क्या ये आंकड़े सत्ता बदलेंगे या फिर TMC अपनी पकड़ बरकरार रखेगी। फैसला जनता के वोट से तय होगा।





