Saturday, June 6, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य दिल्ली

रूस का ट्रंप को कड़ा जवाब: ‘भारत-चीन का फैसला नहीं बदल सकते’ अमेरिका की टैरिफ धमकी के बीच मॉस्को ने साफ कहा – तेल खरीदना दोनों देशों का संप्रभु अधिकार

DigitalDesk by DigitalDesk
September 19, 2025
in दिल्ली, बिजनेस, मुख्य समाचार, राजनीति, संपादक की पसंद
0
Russia strong reply to Trump Can change India China decision
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

रूस का ट्रंप को कड़ा जवाब: ‘भारत-चीन का फैसला नहीं बदल सकते’

अमेरिका की टैरिफ धमकी के बीच मॉस्को ने साफ कहा – तेल खरीदना दोनों देशों का संप्रभु अधिकार

Related posts

BHEL को मिला ₹21,000 करोड़ का मेगा ऑर्डर, शेयरों में उछाल; सरकारी कंपनी ने रचा नया रिकॉर्ड

BHEL को मिला ₹21,000 करोड़ का मेगा ऑर्डर, शेयरों में उछाल; सरकारी कंपनी ने रचा नया रिकॉर्ड

June 6, 2026
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच बड़ी राहत! जल्द मिलेगा E85 ईंधन, 20 रुपये तक सस्ता होगा नया फ्यूल

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच बड़ी राहत! जल्द मिलेगा E85 ईंधन, 20 रुपये तक सस्ता होगा नया फ्यूल

June 6, 2026

अमेरिका और रूस के बीच ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तनातनी एक बार फिर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन दौरे के दौरान भारत और चीन पर निशाना साधते हुए कहा था कि अगर दोनों देश रूस से तेल खरीदना जारी रखते हैं, तो उन पर उच्च टैरिफ लगाने पर विचार किया जाएगा। इसके जवाब में रूस ने पहली बार सार्वजनिक रूप से कड़ा रुख दिखाया है।

लावरोव का बयान

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक इंटरव्यू में ट्रंप के बयान को दरकिनार करते हुए कहा “अमेरिका केवल धमकी देकर भारत और चीन को रूस से तेल खरीदने से नहीं रोक सकता।
“दोनों देश अपनी राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों को देखते हुए फैसले लेते हैं। किसी बाहरी दबाव या टैरिफ से यह नीति नहीं बदलेगी। लावरोव ने साफ कहा कि मॉस्को के लिए एशियाई देशों के साथ ऊर्जा व्यापार दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है और यह किसी तीसरे देश की शर्तों पर निर्भर नहीं करता।

ट्रंप का विरोध क्यों?

ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि रूस से तेल की खरीद से उसके खिलाफ लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंध कमजोर पड़ते हैं। जी7 देशों की बैठकों में ट्रंप बार-बार यह मुद्दा उठाते रहे हैं। ब्रिटेन दौरे पर भी उन्होंने कहा कि रूस से भारत और चीन की बढ़ती खरीद अमेरिकी हितों और यूरोप की ऊर्जा रणनीति के खिलाफ है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि “यदि ये देश पीछे नहीं हटते तो अमेरिका टैरिफ के हथियार का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा।”

भारत-चीन का दृष्टिकोण

भारत लंबे समय से रूस का बड़ा ऊर्जा साझेदार रहा है। यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने रूस से सस्ता कच्चा तेल आयात करना जारी रखा। इससे भारतीय रिफाइनरियों को लागत में राहत मिली और घरेलू बाजार में तेल की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिली। भारत का कहना है कि वह “राष्ट्रीय हितों के आधार पर ऊर्जा आयात के फैसले करता है” और किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।

चीन की स्थिति

चीन तो पहले से ही रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है। 2024 में चीन ने रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल आयात किया, जिससे वह रूस का शीर्ष ग्राहक बना। बीजिंग का भी यही रुख है कि ऊर्जा सहयोग “साझा आर्थिक लाभ” पर आधारित है और किसी तीसरे पक्ष की मंजूरी की जरूरत नहीं।

यूरोप और जी7 की चिंता

यूरोप के कई देश यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने रूसी तेल और गैस पर प्रतिबंध लगाए। लेकिन एशियाई देशों की बड़ी खरीद ने रूस की अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है। यही वजह है कि जी7 में इस मुद्दे पर अमेरिका और यूरोप के बीच मतभेद भी उभरते रहते हैं।

रूस की रणनीति

मॉस्को ने अमेरिका की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि यह सिर्फ ऊर्जा राजनीति है। रूस के लिए एशियाई बाजार बेहद अहम हो चुके हैं। भारत और चीन के अलावा इंडोनेशिया, वियतनाम और कई अफ्रीकी देश भी रूसी तेल के ग्राहक बन रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की टैरिफ धमकी का असर सीमित होगा क्योंकि एशियाई देशों के पास विकल्पों की कमी है और रूस प्रतिस्पर्धी दरों पर तेल बेच रहा है।

विशेषज्ञों की राय

अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जानकारों का कहना है कि यह मुद्दा केवल तेल व्यापार का नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का है। अमेरिका नहीं चाहता कि रूस को एशिया से बड़ा आर्थिक सहारा मिले। दूसरी ओर, भारत और चीन दोनों ही ऊर्जा सुरक्षा के मामले में पश्चिमी दबाव से स्वतंत्र रहना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टैरिफ लगाए भी जाते हैं तो इन देशों के लिए रूस से तेल खरीदना पूरी तरह बंद करना मुश्किल होगा। रूस और अमेरिका के बीच बढ़ती खींचतान से साफ है कि आने वाले समय में ऊर्जा कूटनीति वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बनने जा रही है। ट्रंप की टैरिफ धमकी के बावजूद रूस ने साफ कर दिया है कि भारत और चीन जैसे देशों के फैसले बाहरी दबाव से नहीं बदलेंगे। भारत और चीन की स्पष्ट नीति भी यही बताती है कि वे अपनी राष्ट्रीय ऊर्जा जरूरतों को किसी भी वैश्विक विवाद से ऊपर रखेंगे। आने वाले महीनों में यह मुद्दा जी7 और जी20 की बैठकों में फिर गरमा सकता है। (प्रकाश कुमार पांडेय)

Post Views: 373
Tags: #India China decision#Russia strong reply to Trump
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

मुख्य समाचार
बंगाल की राजनीति में मचा बड़ा घमासान, TMC में टूट की चर्चा तेज!

बंगाल की राजनीति में मचा बड़ा घमासान, TMC में टूट की चर्चा तेज!

मुख्य समाचार
बंगाल की मुस्लिम बहुल फाल्टा सीट पर BJP की ऐतिहासिक जीत, 71% वोट लेकर देबांग्शु पांडा ने मारी बाजी

बंगाल की मुस्लिम बहुल फाल्टा सीट पर BJP की ऐतिहासिक जीत, 71% वोट लेकर देबांग्शु पांडा ने मारी बाजी

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version