भुना हुआ चना, जिसे कई क्षेत्रों में फुटाना भी कहा जाता है, भारतीय खानपान का एक पारंपरिक और पौष्टिक नाश्ता है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और कई आवश्यक विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं। नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन वजन नियंत्रण, पाचन सुधारने और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है।
- भुना चना पोषण का सस्ता और बेहतरीन स्रोत
- प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है फुटाना
- हर बीमारी का इलाज नहीं है भुना चना
- डायबिटीज और वजन घटाने में मिल सकता है लाभ
- संतुलित आहार के साथ ही मिलेगा पूरा फायदा
हालांकि सोशल मीडिया पर किए जाने वाले ऐसे दावे कि भुना चना डायबिटीज, आईबीएस, कोलेस्ट्रॉल, गठिया या अन्य गंभीर बीमारियों का अचूक इलाज है, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं। यह एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ है, लेकिन किसी भी बीमारी की दवा का विकल्प नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिदिन सीमित मात्रा में भुना चना संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज है, वे गुड़ के साथ इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लें। पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन के साथ भुना चना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, लेकिन केवल इसी के भरोसे रोगों के इलाज की उम्मीद करना उचित नहीं है।