देश में आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू हुआ ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन (RHA)’ सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। इंस्टाग्राम पर शुरू हुई इस मुहिम ने महज पांच दिनों में करीब 60 लाख फॉलोअर्स जुटा लिए हैं। इस अभियान के पीछे मेरठ के युवा वेदांश त्यागी का नाम सामने आया है, जिन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी सोच और आंदोलन के उद्देश्यों को विस्तार से साझा किया है।
सोशल मीडिया के जरिए आरक्षण पर राष्ट्रीय स्तर की बहस छेड़ने का दावा
वेदांश त्यागी का कहना है कि उनका उद्देश्य देश में योग्यता आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देना है। उन्होंने दावा किया कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल से प्रेरित नहीं है, बल्कि आरक्षण और जातिवाद को लेकर जनजागरूकता फैलाने के लिए शुरू किया गया है। उनका मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच इस विषय पर खुली चर्चा होनी चाहिए।
अकेले शुरू हुई मुहिम को आगे बढ़ाने में एआई तकनीक का लिया सहारा
वेदांश ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा करना शुरू किया था। समर्थन मिलने के बाद उन्होंने ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ नाम से अभियान शुरू किया। सीमित संसाधनों और टीम की अनुपलब्धता के कारण उन्होंने कंटेंट तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद ली। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है।
कुछ संगठनों और सोशल मीडिया समूहों पर लगाए गंभीर आरोप
वेदांश ने कुछ सोशल मीडिया समूहों और संगठनों पर विदेशी प्रभाव और बॉट अकाउंट्स के जरिए माहौल बनाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कई सार्वजनिक हस्तियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, उनके इन दावों की अब तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन आरोपों को उनके व्यक्तिगत विचारों के रूप में ही देखा जा रहा है।
राजनीतिक दलों से दूरी, लेकिन आरक्षण नीति में बदलाव की मांग कायम
वेदांश का कहना है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनसे संपर्क किया, लेकिन उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी पार्टी के प्रचारक नहीं हैं, हालांकि उन्होंने अपने मतदान संबंधी विचार सार्वजनिक किए हैं। उनका मानना है कि आरक्षण नीति में व्यापक सुधार की आवश्यकता है, जिस पर गंभीर राष्ट्रीय चर्चा होनी चाहिए।
15 अगस्त तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलाने की अपील
वेदांश ने अपने समर्थकों से 15 अगस्त तक किसी भी प्रकार के सड़क प्रदर्शन से बचने की अपील की है। उनका कहना है कि आंदोलन को केवल सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी सहायता और विशेष प्रावधान उन लोगों तक पहुंचने चाहिए, जो वास्तव में सामाजिक, आर्थिक या शारीरिक रूप से जरूरतमंद हैं।