थाईलैंड में ‘रेंटल वाइफ’ का नेटवर्क, पर्यटन के साथ बढ़ता विवादित कारोबार

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समुद्र तटों, नाइट लाइफ और खूबसूरत पर्यटन स्थलों के लिए मशहूर थाईलैंड एक और वजह से दुनिया भर में चर्चा में रहता है। यहां एक विवादित प्रथा वर्षों से चली आ रही है, जिसे ‘रेंटल वाइफ’ या ‘वाइफ ऑन हायर’ कहा जाता है। दावा किया जाता है कि कुछ विदेशी पर्यटक पैसे देकर महिलाओं के साथ कुछ दिनों या महीनों तक अस्थायी वैवाहिक संबंध जैसी व्यवस्था करते हैं। यह व्यवस्था खासकर पटाया जैसे पर्यटन क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलती है।

  1. पर्यटकों के बीच बढ़ी ‘रेंटल वाइफ’ की डिमांड
  2. गरीबी बनी विवादित कारोबार की बड़ी वजह
  3. पटाया के बार और नाइट क्लब बने केंद्र
  4. दिनों से महीनों तक चलता है अस्थायी रिश्ता
  5. पर्यटन उद्योग के पीछे छिपा काला सच 
  6. पैसों के लिए बनती हैं पर्यटकों की रेंटल वाइफ
  7. पटाया के रेड लाइट इलाके में रेंटल वाइफ का ट्रेंड
  8. बार और नाइट क्लबों से चलाते हैं अपना व्यवसाय
  9. थाईलैंड में तेजी से फैल रहा यह व्यवसाय

थाईलैंड हर साल लाखों विदेशी पर्यटकों का स्वागत करता है। पर्यटन यहां की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। लेकिन इसी पर्यटन उद्योग के साथ एक ऐसा विवादित कारोबार भी जुड़ा है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण इलाकों की कुछ महिलाएं पैसों के बदले विदेशी पर्यटकों के साथ अस्थायी साथी के रूप में रहती हैं। इस व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

मीडिया रिपोर्ट्स और इस विषय पर प्रकाशित पुस्तकों के अनुसार, यह व्यवस्था किसी कानूनी विवाह की तरह नहीं होती, बल्कि एक निजी और अस्थायी समझौते के रूप में होती है। यह कुछ दिनों से लेकर कई महीनों तक चल सकती है। इस दौरान महिलाएं पर्यटकों के साथ रहती हैं और घरेलू जिम्मेदारियां भी निभाती हैं। इस प्रथा का सबसे अधिक उल्लेख पटाया के रेड लाइट और मनोरंजन क्षेत्रों से जुड़ा मिलता है।

बताया जाता है कि बार, नाइट क्लब और मनोरंजन उद्योग से जुड़े कुछ नेटवर्क इस तरह की व्यवस्थाओं के माध्यम से ग्राहकों और महिलाओं के बीच संपर्क स्थापित करते हैं। आर्थिक मजबूरी, सीमित रोजगार और बेहतर आय की तलाश को इस कारोबार के फैलने की प्रमुख वजह माना जाता है। हालांकि इस पूरे विषय पर अलग-अलग सामाजिक और कानूनी बहस भी होती रही है।

मानव तस्करी के खिलाफ अभियान

इस तरह की व्यवस्था को लेकर कई मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता भी जताई है। उनका मानना है कि गरीबी और असमानता के कारण महिलाएं ऐसे समझौतों के लिए मजबूर होती हैं। वहीं थाईलैंड की सरकार समय-समय पर अवैध गतिविधियों और मानव तस्करी के खिलाफ अभियान चलाने की बात भी कहती रही है।थाईलैंड का पर्यटन उद्योग जहां देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, वहीं ‘रेंटल वाइफ’ जैसी विवादित प्रथाएं सामाजिक, आर्थिक और नैतिक बहस का विषय बनी हुई हैं। यह मुद्दा केवल पर्यटन नहीं, बल्कि गरीबी, रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा जैसे बड़े सवाल भी खड़े करता है।

विवादास्पद और छिपी हुई प्रथा

थाईलैंड स्थित पटाया के रेड लाइट जिले के बार और नाइट क्लब में होती है। पुस्तक में यह भी लिखा गया है कि किराए पर देने की विवादास्पद और छिपी हुई प्रथा आज भी वल रही है। पैसों के लालच में यह प्रथा फिर से बढ़ने लगी है। एक तरह से आय के स्रोत के रूप में यह बिजनेस की तरह उभरा है। खासतौर पर ऐसे युवाओं के लिए जो पारंपरिक तौर पर नौकारियों में अच्छा पैसा नहीं कमाते हैं। वे रेंटल वाइफ या रेंटल गर्लफ्रेंड जैसी विवादास्पद सेवाओं के जरिए पैसा कमा रहे हैं।

पत्नी की तरह साथ रहती है किराये की बीवी

थाईलैंड में आर्थिक तौर पर गरीब पृष्ठभूमि से जुड़ी महिलाएं परिवार का पेट पालने और पैसा कमाने के लिए विदेशी पर्यटकों के साथ किराये की बीवी की तरह रहने लगती हैं। पर्यटकों सभी प्रकार की घरेलू सेवाएं भी देती हैं। यह व्यवस्था औपचारिक विवाह से जुड़ी नहीं है, उक तरह से अस्थायी ठेके की तरह है। यह कुछ दिन से लेकर महीनों तक चल सकती है।

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