मशहूर भारतीय आधुनिक चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन (M.F. Husain) एक बार फिर चर्चा में हैं। वजह है उनकी वर्ष 1952 में बनाई गई पेंटिंग ‘द रेड गर्ल’, जिसने मुंबई में हुई नीलामी में उम्मीद से कई गुना ज्यादा कीमत हासिल की। पेंटिंग की शुरुआती अनुमानित कीमत 3 से 5 करोड़ रुपये थी, लेकिन नीलामी में इसकी 65 करोड़ रुपये की हैमर प्राइस लगी। यह बिक्री 24 सितंबर को मुंबई के हैमिल्टन हाउस में आयोजित पुंडोल्स फाइन आर्ट सेल में हुई।
कौन हैं मकबूल फिदा हुसैन, जिनकी ‘द रेड गर्ल’ पेंटिंग की हर तरफ चर्चा है?
मकबूल फिदा हुसैन भारतीय आधुनिक कला के सबसे चर्चित और प्रभावशाली चित्रकारों में गिने जाते हैं। उनका जन्म 17 सितंबर 1915 को महाराष्ट्र के पंढरपुर में हुआ था और उनका शुरुआती जीवन इंदौर से भी जुड़ा रहा। आगे चलकर उन्होंने मुंबई का रुख किया और अपनी कला को नई पहचान दी। 1940 के दशक में बॉम्बे प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप से जुड़ने के बाद उनकी कला को देश और विदेश में पहचान मिलने लगी। उन्हें भारत सरकार ने पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया था।
अनुमान से कहीं आगे निकली ‘द रेड गर्ल’, 3-5 करोड़ की पेंटिंग 65 करोड़ में बिकी
‘द रेड गर्ल’ को नीलामी से पहले 3 से 5 करोड़ रुपये का अनुमान दिया गया था। मगर बोली शुरू होने के बाद इसकी कीमत लगातार बढ़ती गई और आखिरकार यह 65 करोड़ रुपये की हैमर प्राइस पर बिकी। यानी ऊपरी अनुमान से करीब 13 गुना ज्यादा कीमत मिली। यह 81 कलाकृतियों वाली नीलामी में सबसे महंगी बिकने वाली कृति रही। हालांकि यह हुसैन का सर्वकालिक वैश्विक ऑक्शन रिकॉर्ड नहीं है।
आखिर ‘द रेड गर्ल’ को किसने खरीदा, खरीदार का नाम क्यों नहीं आया सामने?
नीलामी के बाद इस पेंटिंग के खरीदार की पहचान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। इसे एक निजी संग्राहक द्वारा खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन नाम का खुलासा नहीं किया गया। पेंटिंग की खासियत सिर्फ इसका लाल रंग नहीं, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व भी है। यह हुसैन के शुरुआती दौर की रचना है और प्राचीन भारतीय मूर्तिकला, खासकर यक्षी आकृतियों से इसके संबंध की चर्चा होती है। T
मकबूल फिदा हुसैन का जीवन कहां और कैसा बीता, फिल्मों के पोस्टर से मिली शुरुआत
हुसैन का शुरुआती सफर आसान नहीं था। मुंबई में पहचान बनाने से पहले उन्होंने फिल्मों के होर्डिंग और बड़े पोस्टर बनाने जैसे काम भी किए। बाद में उनकी चित्रकला ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके चित्रों में भारतीय संस्कृति, इतिहास, घोड़े, महाभारत और सामाजिक विषयों की झलक देखने को मिलती थी। उनकी शैली ने आधुनिक भारतीय कला को अलग पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
M.F. हुसैन के साथ लगातार क्यों जुड़ी रहीं विवादों की कहानियां?
हुसैन की कई कलाकृतियां विवादों में भी रहीं। उनकी कुछ पेंटिंग्स को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगे और उनके खिलाफ कानूनी मामले भी सामने आए। विरोध बढ़ने के बाद उन्होंने लंबे समय तक भारत से बाहर रहकर जीवन बिताया। ‘भारत माता’ और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी कुछ पेंटिंग्स उनके सबसे ज्यादा विवादित कार्यों में शामिल रहीं। इन विवादों ने उनकी कला को लेकर देश में लंबे समय तक बहस को जन्म दिया।
माधुरी दीक्षित से क्या था M.F. हुसैन का खास रिश्ता, क्यों बनाई उन पर फिल्म?
मकबूल फिदा हुसैन को अभिनेत्री माधुरी दीक्षित बहुत पसंद थीं और वे उन्हें अपनी प्रेरणा मानते थे। माधुरी की फिल्मों और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उन्होंने कई चित्र बनाए। उन्होंने वर्ष 2000 में ‘गजगामिनी’ फिल्म का निर्देशन भी किया, जिसमें माधुरी मुख्य भूमिका में थीं। इस तरह हुसैन की कला और सिनेमा से जुड़ी रुचि ने उनके जीवन को एक अलग पहचान दी।