उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी ने इस आयोजन को मध्य प्रदेश से भी जोड़ दिया। प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव को लेकर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और उज्जैन भी इसका हिस्सा बना।
- उज्जैन में मोदी के 25 साल का जश्न
- सीएम मोहन ने लिया विकसित भारत संकल्प
- 25 साल की सेवा, अब विकसित भारत
- मोदी के विजन के साथ एमपी का संदेश
- महाकाल की नगरी से सेवा का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा के सफर को रेखांकित किया। 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ यह सफर 2014 में प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा और अब 25 वर्ष पूरे होने के पड़ाव पर है। उज्जैन की धरती से आयोजित यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि महाकाल की नगरी में प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को सेवा, संकल्प और विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर देखा गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन के साक्षी रहे राजनीतिक नेताओं में शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने 25 साल के सफर को व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय जनता और कार्यकर्ताओं के विश्वास से जुड़ा बताया है। उनका कहना है कि जनता-जनार्दन का विश्वास और कार्यकर्ताओं का परिश्रम उनकी सबसे बड़ी शक्ति रहा है। ऐसे में ‘विकसित भारत’ का संकल्प भी इसी राजनीतिक यात्रा के अगले चरण के रूप में सामने रखा जा रहा है।
उज्जैन का आयोजन मध्य प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी अहम है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सार्वजनिक सम्मान और उनके विजन के साथ मध्य प्रदेश की विकास योजनाओं को जोड़ना राज्य की राजनीति में केंद्र और प्रदेश के बीच समन्वय का संदेश देता है।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन का यह पड़ाव केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं है। इस मौके पर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का संदेश भी प्रमुखता से सामने आ रहा है। ऐसे में उज्जैन की सभा को भी सेवा से संकल्प और संकल्प से विकास की यात्रा के रूप में देखा जा सकता है।