ड्रोन सखी बनीं रीना, बदली खेती की तस्वीर
आधुनिक तकनीक से महिलाओं को मिली नई पहचान
ग्रामीण भारत में अब महिलाएं सिर्फ पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक को अपनाकर नई पहचान बना रही हैं। आगर जिले के ग्राम थडोदा की रीना चंदेल इसकी जीवंत मिसाल हैं, जिन्होंने ड्रोन तकनीक के जरिए खेती-किसानी में नया बदलाव लाया है।
आजीविका मिशन और नाफेड के सहयोग से मिले प्रशिक्षण ने रीना के जीवन की दिशा बदल दी। ड्रोन संचालन सीखने के बाद उन्होंने इसे रोजगार और सेवा के माध्यम के रूप में अपनाया। आज वह गांव-गांव जाकर किसानों के खेतों में ड्रोन के जरिए कीटनाशक और पोषक तत्वों का छिड़काव कर रही हैं।
रीना ने खरीफ सीजन में 42 किसानों के करीब 121 एकड़ खेतों में ड्रोन स्प्रे किया और प्रति एकड़ 500 रुपये के हिसाब से सेवा दी। वहीं रबी सीजन में उन्होंने 56 किसानों की लगभग 156 एकड़ भूमि पर ड्रोन के माध्यम से स्प्रे कर आधुनिक खेती को बढ़ावा दिया। इससे किसानों को समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
रीना की मेहनत और लगन को देखते हुए कृषि विभाग ने उन्हें “कृषि सखी” की जिम्मेदारी भी सौंपी है। अब वह न केवल खुद काम कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं और किसानों को भी आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में प्रशिक्षित कर रही हैं। इस कार्य के लिए उन्हें हर महीने 5 हजार रुपये का मानदेय भी मिल रहा है।
रीना चंदेल की यह सफलता कहानी बताती है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। ड्रोन तकनीक के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि किसानों को भी नई दिशा दिखाते हुए खेती को आसान और प्रभावी बनाया है।
आज रीना अपने गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं और यह साबित कर रही हैं कि बदलते दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।





