दुनिया के सबसे विकसित देशों में शामिल अमेरिका इस समय भीषण गर्मी की ऐसी मार झेल रहा है, जिसने करोड़ों लोगों की जिंदगी प्रभावित कर दी है। हालात इतने गंभीर हैं कि मौसम विभाग ने इसे इस साल की सबसे खतरनाक हीटवेव करार दिया है। देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में तेज तापमान और अत्यधिक नमी ने मिलकर ऐसी स्थिति पैदा कर दी है कि लोगों को 115 डिग्री फारेनहाइट (करीब 46 डिग्री सेल्सियस) जैसी गर्मी महसूस हो रही है।
- 18 राज्यों में रेड अलर्ट, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का खतरा
- तापमान नहीं, ‘फील्स लाइक’ ने बढ़ाई सबसे बड़ी चिंता
- दिन ही नहीं, रातें भी बनीं जानलेवा
- हीट स्ट्रोक से बचने के लिए सरकार की एडवाइजरी
- पूर्वी अमेरिका तप रहा, पश्चिम में ठंडे मौसम का उल्टा खेल
सबसे बड़ी चिंता सिर्फ बढ़ता तापमान नहीं, बल्कि वह ‘फील्स लाइक टेम्परेचर’ है, जो इंसानी शरीर पर वास्तविक तापमान से कहीं अधिक असर डाल रहा है। अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने 18 राज्यों के लिए गंभीर चेतावनी जारी करते हुए 6 करोड़ से अधिक लोगों को हीट अलर्ट के दायरे में रखा है।
18 राज्यों में गर्मी का कहर, रिकॉर्ड टूटने की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, कई शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहेगा, लेकिन हवा में नमी इतनी अधिक होगी कि शरीर को 46 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी महसूस होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सामान्य गर्मी नहीं बल्कि डेंजरस हीटवेव है, जो लगातार कई दिनों तक बनी रह सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह स्थिति अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस 4 जुलाई तक जारी रह सकती है।
तापमान से ज्यादा खतरनाक ‘हीट इंडेक्स’
इस बार सबसे अधिक चर्चा हीट इंडेक्स की हो रही है।
हीट इंडेक्स वह पैमाना है जिसमें केवल तापमान नहीं, बल्कि वातावरण में मौजूद नमी (Humidity) को भी शामिल किया जाता है।
यही कारण है कि अगर थर्मामीटर 38 डिग्री दिखा रहा है तो शरीर को महसूस होने वाली गर्मी 46 डिग्री तक पहुंच सकती है।
यानी…
- शरीर तेजी से पानी खोता है।
- पसीना शरीर को ठंडा नहीं कर पाता।
- कुछ ही मिनटों में डिहाइड्रेशन शुरू हो सकता है।
दिन ही नहीं, रातें भी बनीं मुसीबत
आमतौर पर रात में तापमान गिरने से लोगों को राहत मिल जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
मौसम विभाग के अनुसार कई शहरों में रात का तापमान भी 80 डिग्री फारेनहाइट (करीब 27 डिग्री सेल्सियस) के आसपास रहेगा।
यानी…
- घर भी पूरी तरह ठंडे नहीं हो पाएंगे।
- बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है।
- एयर कंडीशनर लगातार चलाने पड़ेंगे।
- बुजुर्ग और बीमार लोगों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।
6 करोड़ लोगों पर खतरे की घंटी
नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक लगभग 60 मिलियन (6 करोड़) लोग सीधे इस खतरनाक हीटवेव से प्रभावित हो सकते हैं।
इनमें शामिल हैं—
- बच्चे
- बुजुर्ग
- गर्भवती महिलाएं
- हृदय रोगी
- डायबिटीज के मरीज
- बाहर काम करने वाले मजदूर
- डिलीवरी और निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारी
स्वास्थ्य एजेंसियों ने जारी की चेतावनी
अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे—
- दोपहर की धूप से बचें।
- बार-बार पानी पीते रहें।
- एयर कंडीशनर या कूलिंग सेंटर का उपयोग करें।
- हल्के रंग के कपड़े पहनें।
- बुजुर्गों और बच्चों को अकेला न छोड़ें।
- बाहर काम करने वालों को लगातार ब्रेक दें।
हीट स्ट्रोक बन सकता है जानलेवा
डॉक्टरों के अनुसार इस मौसम में तीन तरह की समस्याएं सबसे ज्यादा देखने को मिल सकती हैं—
हीट क्रैम्प्स
शरीर में पानी और नमक की कमी से मांसपेशियों में तेज दर्द।
हीट एग्जॉशन
कमजोरी, चक्कर, अत्यधिक पसीना, उल्टी जैसी स्थिति।
हीट स्ट्रोक
सबसे खतरनाक स्थिति, जिसमें शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है और समय पर इलाज न मिलने पर जान भी जा सकती है।
पूर्वी अमेरिका तप रहा, पश्चिम में मौसम बिल्कुल उल्टा
दिलचस्प बात यह है कि पूरे अमेरिका का मौसम एक जैसा नहीं है।
जहां पूर्वी और मध्य अमेरिका भीषण गर्मी से जूझ रहा है, वहीं पश्चिमी राज्यों में तापमान सामान्य से 20 से 35 डिग्री फारेनहाइट तक कम रहने का अनुमान है।
यानी देश के दो हिस्सों में मौसम की तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।
जलवायु परिवर्तन भी बना बड़ी वजह?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती हीटवेव, रिकॉर्ड तोड़ तापमान और लंबे समय तक चलने वाली गर्मी के पीछे जलवायु परिवर्तन (Climate Change) भी एक बड़ी वजह बनता जा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका, यूरोप और कनाडा में गर्मी के रिकॉर्ड लगातार टूटे हैं। इस बार भी यूरोप के बाद अमेरिका में गर्मी ने नया संकट खड़ा कर दिया है।
क्या है सबसे बड़ा खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार इस बार सबसे बड़ी चिंता तापमान नहीं बल्कि ‘फील्स लाइक’ तापमान है। यानी बाहर का तापमान जितना दिख रहा है, शरीर पर उसका असर उससे कहीं अधिक होगा। इसी वजह से डॉक्टर इसे “साइलेंट किलर वेदर” बता रहे हैं, क्योंकि लोग सामान्य गर्मी समझकर बाहर निकलते हैं और कुछ ही समय में गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं।
अमेरिका इस समय साल की सबसे गंभीर हीटवेव से गुजर रहा है। 18 राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की आशंका, 6 करोड़ लोगों पर हीट अलर्ट, 115 डिग्री फारेनहाइट जैसी महसूस होने वाली गर्मी और रात में भी राहत न मिलने की स्थिति ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दे रही हैं। आने वाले कुछ दिन अमेरिका के लिए मौसम के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं।