भोपाल। मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों का बढ़ता रुझान इस वर्ष नए रिकॉर्ड के रूप में सामने आया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ई-प्रवेश पोर्टल पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया ने अब तक का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 30 जून 2026 तक प्रदेशभर में 2 लाख 93 हजार 257 विद्यार्थियों ने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर पिछले वर्ष की तुलना में 42.03 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 जून तक 5 लाख 48 हजार 778 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया। इनमें से 4 लाख 68 हजार 539 विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया जा चुका है, जबकि 2 लाख 93 हजार 257 विद्यार्थी विभिन्न महाविद्यालयों में प्रवेश प्राप्त कर चुके हैं। यह आंकड़ा प्रदेश में उच्च शिक्षा की बढ़ती स्वीकार्यता और ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली पर विद्यार्थियों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
एक वर्ष में 86 हजार से अधिक अतिरिक्त प्रवेश
पिछले वर्ष 30 जून तक प्रदेश के महाविद्यालयों में 2 लाख 6 हजार 482 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 2 लाख 93 हजार 257 हो गई है। यानी केवल एक वर्ष में 86 हजार 775 अतिरिक्त विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश लिया है। इसे प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया की पारदर्शिता, आसान आवेदन प्रणाली, समयबद्ध दस्तावेज सत्यापन और बेहतर काउंसलिंग व्यवस्था ने विद्यार्थियों का भरोसा मजबूत किया है।
ई-प्रवेश व्यवस्था बनी सफलता की बड़ी वजह
उच्च शिक्षा विभाग ने इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह विद्यार्थी-केंद्रित बनाने पर विशेष जोर दिया। ऑनलाइन आवेदन से लेकर दस्तावेज सत्यापन और सीट आवंटन तक की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया। महाविद्यालय स्तर पर समय पर दस्तावेजों का सत्यापन और प्रभावी काउंसलिंग के कारण विद्यार्थियों को प्रवेश में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
अब उसी दिन मिलेगा प्रवेश
विभाग ने रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत जिन शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में सीटें खाली हैं, वहां विद्यार्थी सीधे महाविद्यालय पहुंचकर उसी दिन प्रवेश की पूरी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
महाविद्यालय पहुंचने पर विद्यार्थियों का तत्काल पंजीयन किया जाएगा, दस्तावेजों का सत्यापन होगा और उपलब्ध सीट के आधार पर उसी दिन सीट आवंटित कर दी जाएगी। निर्धारित शुल्क जमा करते ही विद्यार्थी उसी दिन अपना प्रवेश सुनिश्चित कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को अतिरिक्त चरणों या लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी और रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया भी तेजी से पूरी हो सकेगी।
विभाग ने विद्यार्थियों से की अपील
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी पात्र विद्यार्थियों से आग्रह किया है कि वे अपने नजदीकी शासकीय अथवा अशासकीय महाविद्यालय में उपलब्ध रिक्त सीटों की जानकारी प्राप्त करें और इस विशेष सुविधा का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना प्रवेश सुनिश्चित करें।
मुख्य आंकड़े एक नजर में
कुल ऑनलाइन पंजीयन: 5,48,778
दस्तावेज सत्यापित: 4,68,539
प्रवेश प्राप्त विद्यार्थी: 2,93,257
पिछले वर्ष (30 जून 2025): 2,06,482 प्रवेश
इस वर्ष वृद्धि: 86,775 अतिरिक्त प्रवेश
रिकॉर्ड वृद्धि: 42.03 प्रतिशत
उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि प्रवेश प्रक्रिया में अपनाए गए सुधारों और विद्यार्थी-अनुकूल व्यवस्थाओं के कारण आने वाले दिनों में प्रवेश का यह आंकड़ा और अधिक बढ़ने की संभावना है।
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