सीबीएसई कक्षा 12 के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के नतीजों ने झारखंड की एक छात्रा की मेहनत और आत्मविश्वास को नई पहचान दिलाई है। रांची के डीपीएस सेल टाउनशिप, धुर्वा की छात्रा अवनी केजरीवाल ने री-एवैल्यूएशन के बाद ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। पहले जहां उनके 95.2 प्रतिशत अंक आए थे, वहीं पुनर्मूल्यांकन के बाद उनका स्कोर बढ़कर 500 में 500 हो गया।
री-एवैल्यूएशन ने बदली किस्मत: 95.2% से सीधे 100%, झारखंड की अवनी केजरीवाल ने रचा इतिहास….CBSE पुनर्मूल्यांकन में बढ़े 24 अंक, कॉमर्स स्ट्रीम में हासिल किए 500 में 500 अंक
- 95.2% से सीधे 100% तक
- री-एवैल्यूएशन ने बदली तस्वीर
- अवनी ने हासिल किए 500 अंक
- 24 अंक बढ़े, बना रिकॉर्ड
- आत्मविश्वास से मिली बड़ी सफलता
- कॉमर्स स्ट्रीम की टॉपर बनीं
- CBSE रिजल्ट में प्रेरक कहानी
13 मई को घोषित सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम में अवनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 95.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। हालांकि उन्हें विश्वास था कि अंग्रेजी और बिजनेस स्टडीज में उनकी कॉपियों का मूल्यांकन सही तरीके से नहीं हुआ है। इसी भरोसे के साथ उन्होंने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया।
एक मीडिया बातचीत में अवनी ने बताया कि अंग्रेजी उनका सबसे पसंदीदा और मजबूत विषय था, लेकिन उसमें 19 अंक कम दिए गए थे। वहीं बिजनेस स्टडीज में भी 5 अंक कटे थे। पहले से ही तीन विषयों में उन्हें 100 में 100 अंक मिले हुए थे। पुनर्मूल्यांकन के बाद अंग्रेजी और बिजनेस स्टडीज के अंक बढ़े और कुल 24 अंकों की बढ़ोतरी के साथ उनका परिणाम पूर्णांक में बदल गया।
सभी मुख्य विषयों में शतक
अवनी ने अंग्रेजी कोर, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स और एप्लाइड मैथ्स में 100-100 अंक हासिल किए। अतिरिक्त विषय ग्राफिक्स में भी उन्हें 99 अंक मिले। इस उपलब्धि के साथ वह देश के शीर्ष कॉमर्स छात्रों में शामिल हो गई हैं।
आत्मविश्वास की मिसाल बनीं अवनी
हर साल हजारों छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन अंकों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी बहुत कम मामलों में देखने को मिलती है। अवनी का मामला इस बात का उदाहरण है कि यदि छात्र को अपनी मेहनत और प्रदर्शन पर भरोसा हो, तो वह अपने अधिकारों का उपयोग कर सही परिणाम हासिल कर सकता है।