Rajya Sabha elections 2026: इन 10 राज्यों की 24 सीटों पर 18 जून को वोटिंग…कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल होगा समाप्त

Rajya Sabha elections 2026
Election Commission of India ने राज्यसभा की खाली हो रही 24 सीटों पर चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। इन सीटों के लिए 18 जून 2026 को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। चुनाव 10 राज्यों में होने जा रहे हैं, जहां मौजूदा सांसदों का कार्यकाल जून और जुलाई 2026 के दौरान समाप्त हो रहा है।

इन 24 सीटों पर होगा चुनाव

क्र.सं. राज्य सदस्य का नाम सेवानिवृत्ति तिथि
1 आंध्र प्रदेश अयोध्या रामी रेड्डी अल्ला 21 जून 2026
2 आंध्र प्रदेश नथवानी परिमल 21 जून 2026
3 आंध्र प्रदेश पिल्ली सुभाषचंद्र बोस 21 जून 2026
4 आंध्र प्रदेश सना सतीश बाबू 21 जून 2026
5 गुजरात रामभाई हरजीभाई मोकारिया 21 जून 2026
6 गुजरात अमीन नरहरि हीराबाई 21 जून 2026
7 गुजरात Shaktisinh Gohil 21 जून 2026
8 गुजरात रमिला बेचरभाई बारा 21 जून 2026
9 झारखंड दीपक प्रकाश 21 जून 2026
10 झारखंड Shibu Soren (सीट रिक्त) 21 जून 2026
11 मध्य प्रदेश George Kurian 21 जून 2026
12 मध्य प्रदेश Digvijaya Singh 21 जून 2026
13 मध्य प्रदेश Sumer Singh Solanki 21 जून 2026
14 मणिपुर महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा 21 जून 2026
15 मेघालय वानवेइरोय खारलुखी 21 जून 2026
16 राजस्थान नीरज डांगी 21 जून 2026
17 राजस्थान राजेंद्र गहलोत 21 जून 2026
18 राजस्थान रवनीत सिंह 21 जून 2026
19 अरुणाचल प्रदेश Nabam Rebia 23 जून 2026
20 कर्नाटक नरयाना कोरगप्पा 25 जून 2026
21 कर्नाटक इरन्ना कडाडी 25 जून 2026
22 कर्नाटक H. D. Deve Gowda 25 जून 2026
23 कर्नाटक Mallikarjun Kharge 25 जून 2026
24 मिजोरम के. वानलालवेना 19 जुलाई 2026

इन चुनावों को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई बड़े नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, वरिष्ठ कांग्रेस नेता Digvijaya Singh, पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda और Shaktisinh Gohil जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

किन राज्यों में होंगे चुनाव?

चुनाव आयोग के अनुसार राज्यसभा चुनाव Andhra Pradesh, Gujarat और Karnataka की चार-चार सीटों पर होंगे। इसके अलावा Madhya Pradesh और Rajasthan में तीन-तीन सीटों पर मतदान कराया जाएगा। Jharkhand में दो सीटों के लिए चुनाव होंगे, जबकि Manipur, Meghalaya, Arunachal Pradesh और Mizoram में एक-एक सीट पर मतदान होगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन सीटों के लिए मतदान संबंधित राज्यों की विधानसभा में निर्वाचित विधायकों द्वारा किया जाएगा। राज्यसभा चुनाव में विधायकों की संख्या और दलों की ताकत के आधार पर उम्मीदवारों की जीत तय होती है।

कई बड़े नेताओं की सदस्यता समाप्त

इस बार जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सबसे प्रमुख नाम हैं। इसके अलावा दिग्विजय सिंह, शक्तिसिंह गोहिल, नबाम रेबिया और एचडी देवगौड़ा का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। झारखंड की एक सीट विशेष चर्चा में है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री Shibu Soren के निधन के बाद यह सीट 4 अगस्त 2025 से रिक्त चल रही है। इस सीट पर भी अब चुनाव कराया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन चुनावों का असर संसद के उच्च सदन की भविष्य की रणनीति और राजनीतिक समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश में तीन सीटों पर मुकाबला

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होने जा रहा है। जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें दिग्विजय सिंह, George Kurian और Sumer Singh Solanki शामिल हैं। राज्य में चुनाव प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी। चुनाव आयोग द्वारा 2 जून को अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 10 जून को होगी। उम्मीदवार 11 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।

मध्य प्रदेश में क्या है चुनाव कार्यक्रम?

Election Commission of India ने मध्य प्रदेश की तीन सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है।

राज्यसभा चुनाव क्यों होते हैं खास?

Rajya Sabha भारतीय संसद का उच्च सदन है, जिसमें राज्यों का प्रतिनिधित्व होता है। राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। यही वजह है कि समय-समय पर राज्यसभा चुनाव कराए जाते हैं। लोकसभा चुनावों की तुलना में राज्यसभा चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं होते, बल्कि राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। इसलिए इन चुनावों में राजनीतिक दलों की विधानसभा में मौजूद ताकत बेहद महत्वपूर्ण होती है।

राजनीतिक दलों की रणनीति तेज

नाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। जिन राज्यों में मुकाबला कड़ा है, वहां दलों के बीच जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज हो सकती हैं। खासकर मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार राज्यसभा चुनाव केवल संसद की सीटों का चुनाव नहीं होता, बल्कि यह राज्यों में राजनीतिक दलों की ताकत और गठबंधन की स्थिति का भी संकेत देता है। कई बार इन चुनावों के जरिए दल राष्ट्रीय राजनीति के लिए बड़े संदेश देने की कोशिश करते हैं।

संसद के समीकरणों पर पड़ेगा असर

राज्यसभा में संख्या बल किसी भी सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए उच्च सदन का समर्थन जरूरी होता है। ऐसे में 24 सीटों पर होने वाला यह चुनाव संसद के भविष्य के समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नामों को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज होने की उम्मीद है। कई दल पुराने नेताओं को दोबारा मौका दे सकते हैं, जबकि कुछ नए चेहरों को राज्यसभा भेजने की तैयारी में हैं। फिलहाल 18 जून को होने वाले इस चुनाव पर पूरे देश की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।

संसद के समीकरण बदल सकते हैं

Rajya Sabha के इन चुनावों को संसद के भविष्य के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। राज्यसभा में संख्या बल किसी भी सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में उच्च सदन की भूमिका निर्णायक रहती है। राजनीतिक दल अब उम्मीदवारों के चयन और रणनीति बनाने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में इन सीटों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

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