Tuesday, September 15, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मुख्य समाचार

कांग्रेस प्रत्याशियों के रद्द नामांकन पर बार-बार उठे सवाल… मध्य प्रदेश से लेकर देशभर में बने बड़े राजनीतिक विवाद

DigitalDesk by DigitalDesk
June 10, 2026
in मुख्य समाचार, राजनीति
0
Meenakshi Natarajan nomination cancelled
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

चुनावी लोकतंत्र में नामांकन प्रक्रिया किसी भी उम्मीदवार के लिए पहली और सबसे महत्वपूर्ण कानूनी परीक्षा होती है। कई बार चुनावी मुकाबला शुरू होने से पहले ही प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने या वापस लेने की घटनाएं राजनीतिक हलकों में बड़ा विवाद खड़ा कर देती हैं। मध्य प्रदेश और देश के अन्य राज्यों में कांग्रेस के कई प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने या वापस लेने के मामले समय-समय पर सुर्खियां बनते रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का है। जिनका नामांकन विधानसभा के रिर्टनिंग आफिसर की ओर से निरस्त किए जाने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

  • मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से गरमाई राजनीति
  • विदिशा में सुषमा स्वराज को मिला था वॉकओवर
  • 2024 में खजुराहो और इंदौर बने चर्चा का केंद्र
  • गुजरात के सूरत में निर्विरोध जीत ने बढ़ाया विवाद
  • नामांकन प्रक्रिया में छोटी चूक भी पड़ती है भारी

भाजपा ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना में दर्ज एक मामले की जानकारी अपने नामांकन दस्तावेजों में छिपाई थी। इसी आधार पर उनके नामांकन को चुनौती दी गई। हालांकि इस मामले में कांग्रेस ने राजनीतिक दुर्भावना का आरोप लगाया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर उन पुराने मामलों की याद ताजा कर दी है, जब कांग्रेस के उम्मीदवार नामांकन प्रक्रिया में उलझकर चुनावी मैदान से बाहर हो गए थे।

Related posts

Gold Silver Price15: सितंबर को सोना हुआ सस्ता, चांदी के भाव स्थिर; खरीदारी से पहले जानें आज के ताजा रेट

Gold Silver Price15: सितंबर को सोना हुआ सस्ता, चांदी के भाव स्थिर; खरीदारी से पहले जानें आज के ताजा रेट

September 15, 2026
BRICSS ummit: ब्रिक्स डिनर के शाकाहारी मेन्यू पर राहुल गांधी का सवाल, खाने को लेकर क्यों छिड़ी नई सियासत?

BRICSS ummit: ब्रिक्स डिनर के शाकाहारी मेन्यू पर राहुल गांधी का सवाल, खाने को लेकर क्यों छिड़ी नई सियासत?

September 15, 2026

राजकुमार पटेल ने दिया था सुषमा स्वराज को वॉकओवर

मध्य प्रदेश के चुनावी इतिहास में सबसे चर्चित मामलों में वर्ष 2009 का विदिशा लोकसभा चुनाव शामिल है। उस चुनाव में भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मैदान में थीं। कांग्रेस ने राजकुमार पटेल को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उनका नामांकन ‘बी-फॉर्म’ की मूल प्रति जमा नहीं होने के कारण रद्द कर दिया गया। इसके बाद सुषमा स्वराज को लगभग वॉकओवर मिल गया था। उस समय राजकुमार पटेल पर 25 करोड़ रुपये लेने के आरोप भी लगे थे। विवाद इतना बढ़ा कि कांग्रेस ने उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

2024 में खजुराहो में कांग्रेस को लगा था झटका

लोकसभा चुनाव 2024 में भी मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए नामांकन संबंधी घटनाएं चर्चा का विषय बनीं। खजुराहो लोकसभा सीट पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार मीरा यादव का नामांकन तकनीकी त्रुटियों के कारण निरस्त कर दिया गया। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार नामांकन पत्र में आवश्यक हस्ताक्षरों की कमी और अन्य प्रक्रियागत त्रुटियां पाई गई थीं। इस फैसले के बाद विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने इसे पूरी तरह नियमों के अनुरूप कार्रवाई बताया।

इंदौर में कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय ने फोड़ पर्चा वापसी का बम

इसी चुनाव में इंदौर लोकसभा सीट का घटनाक्रम भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा। कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने नामांकन वापसी की अंतिम तिथि पर अपना पर्चा वापस ले लिया और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका दिया और विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक राजनीति में बदलते समीकरणों का उदाहरण बताया।

गुजरात में नीलेश कुंभाणी का नामांकन हुआ था रद्द

मध्य प्रदेश से बाहर भी कांग्रेस को इसी प्रकार की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। गुजरात की सूरत लोकसभा सीट पर 2024 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नीलेश कुंभाणी का नामांकन रद्द कर दिया गया था। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार उनके नामांकन पत्र में प्रस्तावकों के हस्ताक्षरों को लेकर विवाद सामने आया। तीनों प्रस्तावकों ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। कांग्रेस के वैकल्पिक उम्मीदवार का नामांकन भी स्वीकार नहीं हुआ और भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। यह घटना राष्ट्रीय राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी प्रक्रिया में नामांकन केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि कानूनी रूप से अत्यंत संवेदनशील चरण होता है। उम्मीदवार द्वारा दी गई जानकारी, आवश्यक दस्तावेज, प्रस्तावकों के हस्ताक्षर और निर्वाचन आयोग के नियमों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य होता है। छोटी सी तकनीकी गलती भी प्रत्याशी को चुनावी मैदान से बाहर कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इन घटनाओं से राजनीतिक दलों को यह सीख मिलती है कि उम्मीदवार चयन के साथ-साथ नामांकन प्रक्रिया की भी गहन निगरानी आवश्यक है। कई बार राजनीतिक रणनीति, कानूनी चुनौतियां और तकनीकी खामियां मिलकर चुनावी तस्वीर बदल देती हैं।

मीनाक्षी नटराजन का ताजा मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया का हर चरण महत्वपूर्ण है। नामांकन रद्द होने या वापस लेने की घटनाएं केवल व्यक्तिगत राजनीतिक नुकसान तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनका असर पूरे चुनावी समीकरण और जनमत पर पड़ता है। आने वाले समय में इस मामले की कानूनी और राजनीतिक दिशा पर सभी की नजरें बनी रहेंगी। मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक, कांग्रेस के कई उम्मीदवार नामांकन विवादों का सामना कर चुके हैं। इन घटनाओं ने यह साबित किया है कि चुनावी राजनीति में केवल जनाधार ही नहीं, बल्कि कानूनी और प्रक्रियागत सतर्कता भी जीत-हार तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Tags: #Meenakshi Natarajan nomination cancelled#RajyaSabhaElection #MadhyaPradesh #MeenakshiNatarajan #Congress #BJP #MPPolitics #BreakingNews #RajyaSabha #PoliticalNews #LiveIndiaNews
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

“ब्रिक्स युवा संवाद” में फिल्मों पर खुलकर हुई बातचीत, अलग-अलग भाषाओं के युवाओं ने साझा किए अनुभव

“ब्रिक्स युवा संवाद” में फिल्मों पर खुलकर हुई बातचीत, अलग-अलग भाषाओं के युवाओं ने साझा किए अनुभव

“ब्रिक्स युवा संवाद” में फिल्मों पर खुलकर हुई बातचीत, अलग-अलग भाषाओं के युवाओं ने साझा किए अनुभव

मुख्य समाचार
clean chit for India or a reality check for Pakistan Why did Maryam Nawaz statement spark outrage in Khyber Pakhtunkhwa

4000 KM दूर से बालेश्वर पहुंचे 5 ओरंगुटान? जंगल में मिला ‘जंगल के इंसानों’ का झुंड, तस्करी का शक!

स्पेशल
Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version