भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदेश में मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन एक साथ सक्रिय होने से अगले तीन से चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने 2 अगस्त तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा बारिश से प्रदेश में अब तक बनी औसतन 16 प्रतिशत वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
2 अगस्त तक बारिश का जोर रहेगा
धार-देवास समेत 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
औसत बारिश की कमी हो सकती है पूरी
प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग के अनुसार धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, रायसेन, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी सहित कुल 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच से अधिक वर्षा दर्ज होने का अनुमान है।
राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सतना समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। पिछले 24 घंटों में भोपाल में 3.44 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि एक दिन पहले रतलाम, बालाघाट, पचमढ़ी और भोपाल सहित कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हुई।
मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय तीनों मौसम प्रणालियां 2 अगस्त तक प्रभावी रहेंगी। इससे लगातार बारिश का सिलसिला बना रह सकता है और कई जिलों में जलभराव तथा निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है। वहीं जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और राहत-बचाव की तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।





