महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय स्थित राज्य आपदा प्रबंधन कक्ष का दौरा कर पूरे प्रदेश की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मंत्री गिरीश महाजन, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, मुंबई नगर आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि संभागीय आयुक्त और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को अगले दो दिनों तक अत्यधिक सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।
- सीएम ने आपदा प्रबंधन कक्ष से की समीक्षा
- पालघर-कोंकण में रेड अलर्ट, लोगों का रेस्क्यू जारी
- नासिक में 350 मिमी बारिश और बादल फटने की चेतावनी
- मुंबई में हाई टाइड और तेज हवाओं का खतरा
- वारकरियों और नदी किनारे रहने वालों के लिए विशेष एडवाइजरी
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों से लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश दिए। रायगढ़, पालघर और रत्नागिरी जिलों में कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने नासिक के ग्रामीण इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 350 मिलीमीटर तक बारिश की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में बादल फटने जैसी स्थिति बनने की चेतावनी भी जारी की गई है। प्रशासन ने संभावित प्रभावित गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि पुलिस और आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
पालघर और कोंकण क्षेत्र में मंगलवार तक रेड अलर्ट जारी रहेगा। पालघर जिले में करीब 500 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं और 8 जुलाई से मौसम में कुछ सुधार की उम्मीद है।
मुंबई और महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जुलाई महीने की कुल औसत वर्षा का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा केवल चार दिनों में दर्ज किया गया है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण अब तक 310 पेड़ गिर चुके हैं। दोपहर बाद हवाओं की रफ्तार और बढ़ने की आशंका है। भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है और निर्माणाधीन परियोजनाओं से जुड़े सभी एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मुंबई में दोपहर करीब तीन बजे हाई टाइड की स्थिति बनने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों पर जाने से बचने और अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सहयोग से मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर मलबा हटाकर यातायात सामान्य करने का काम भी जारी है।
सतारा के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण दो स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 6 और 7 जुलाई के दौरान भारी वर्षा के चलते कई बांधों से पानी छोड़े जाने की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
इधर, आलंदी से शुरू होने वाले पालकी समारोह को लेकर भी प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। इंद्रायणी नदी में बाढ़ के कारण आलंदी शहर में प्रवेश करने वाले चारों पुल जलमग्न हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने पुणे जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वारकरियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे और उन्हें वैकल्पिक मार्गों तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात हैं। जिला, तहसील और ग्राम स्तर तक आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय है और लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन की सभी एडवाइजरी का पालन करें।