पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। रोपड़ रेंज के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को गुरुवार दोपहर 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने एक कारोबारी से एक केस निपटाने के बदले बड़ी रकम की मांग की थी। यह कार्रवाई मोहाली स्थित उनके दफ्तर में सीबीआई की टीम ने की। गिरफ्तारी के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मोहाली दफ्तर में हुआ ट्रैप ऑपरेशन
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले एक स्क्रैप कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि डीआईजी भुल्लर उससे केस निपटाने के नाम पर घूस मांग रहे हैं। एजेंसी ने योजना बनाकर कारोबारी को पहली किस्त देने के बहाने मोहाली दफ्तर भेजा। जैसे ही अधिकारी ने नकद राशि ली, सीबीआई टीम ने मौके पर दबिश दी और भुल्लर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह रिकॉर्ड किया गया है।
लंबे समय से थी भ्रष्टाचार की शिकायतें
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को डीआईजी भुल्लर के खिलाफ कई शिकायतें पहले से मिल रही थीं। आरोप था कि वे विभिन्न मामलों में राहत दिलाने के लिए पैसों की डील करते थे। इसी सूचना के आधार पर एजेंसी ने महीनों पहले निगरानी शुरू की थी। शिकायत की पुष्टि होते ही ट्रैप की योजना बनाई गई, जिसमें भुल्लर पकड़े गए। सीबीआई अब यह जांच कर रही है कि क्या इस घोटाले में अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।
घर और दफ्तर पर छापेमारी जारी
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई टीम ने डीआईजी के मोहाली दफ्तर और सरकारी आवास पर छापेमारी की। तलाशी में कई अहम दस्तावेज़, मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध नकदी के बंडल मिले हैं। एजेंसी को शक है कि अधिकारी ने भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति निवेश के रूप में छिपा रखी है। सभी बरामद सामग्री को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
पुलिस महकमे में हड़कंप
इस गिरफ्तारी ने पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में भ्रष्टाचार विरोधी डर का माहौल पैदा कर दिया है। सीबीआई ने भुल्लर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी की एक टीम उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में उनसे जुड़े और अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।





