सिविल सेवा दिवस पर राष्ट्रपति, पीएम और गृहमंत्री ने दी शुभकामनाएं
सुशासन और राष्ट्र निर्माण में अफसरों की भूमिका को सराहा
नई दिल्ली। सिविल सेवा दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने देश के सभी सिविल सेवकों को शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान की सराहना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि सिविल सेवक उच्चतम सार्वजनिक सेवा मानकों को बनाए रखते हुए देश को अधिक समावेशी और प्रगतिशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण से लेकर जमीनी स्तर पर उसके प्रभावी क्रियान्वयन तक, अधिकारियों का कार्य करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिविल सेवा दिवस को सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सिविल सेवकों के प्रयास जमीनी स्तर से लेकर नीति निर्माण तक देश की प्रगति में अहम योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री ने विकसित और सशक्त भारत के निर्माण के लिए अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने पर जोर दिया।
वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने भी सिविल सेवकों की निष्ठा और ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हर साल 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस मनाया जाता है, जो देश के प्रशासनिक अधिकारियों के योगदान और समर्पण को सम्मानित करने का दिन है। यह दिन 1947 में सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को दिए गए ऐतिहासिक संबोधन की याद में मनाया जाता है, जिसमें उन्होंने सिविल सेवकों को भारत की “स्टील फ्रेम” बताया था। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और इकाइयों को प्रधानमंत्री पुरस्कार भी प्रदान किए जाते हैं, जिससे देशभर में बेहतर प्रशासनिक कार्यों को बढ़ावा मिलता है।