मध्यप्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मोहन सरकार के जनजातीय कार्य विभाग ने स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे विभाग में संभावित भर्ती प्रक्रिया की बड़ी तैयारी माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार Tribal Affairs Department Madhya Pradesh के सहायक आयुक्त कार्यालय की ओर से सभी प्राचार्यों, संकुल प्राचार्यों और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर रिक्त शिक्षकों के पदों का विस्तृत ब्यौरा तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया है।
विभाग ने आश्रम शालाओं, छात्रावासों, ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों और माता शबरी आवासीय परिसरों में खाली पड़े पदों की जानकारी भी मांगी है। माना जा रहा है कि विभाग प्रदेशभर में वास्तविक रिक्तियों का आंकड़ा तैयार कर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है।
शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर प्रदेश में पिछले कई महीनों से अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। राजधानी Bhopal में हाल ही में हुए प्रदर्शन और डीपीई घेराव के बाद सरकार और विभाग पर दबाव बढ़ा था। अभ्यर्थियों का कहना है कि जनजातीय कार्य विभाग में करीब 16 हजार पद लंबे समय से खाली हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभागीय आदेश सामने आने के बाद भर्ती की उम्मीद लगाए बैठे हजारों युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है। अभ्यर्थियों का मानना है कि रिक्त पदों की जानकारी जुटाना भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का पहला बड़ा संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि विभाग जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करता है तो इससे आदिवासी अंचलों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। फिलहाल सभी की नजर सरकार और जनजातीय कार्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।