प्रयागराज: PCS अधिकारी ज्योति मौर्या केस में नया मोड़, पति आलोक संग सुलह की राह

PCS officer Jyoti Maurya case

प्रयागराज: PCS अधिकारी ज्योति मौर्या केस में नया मोड़, पति आलोक संग सुलह की राह

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के चर्चित ज्योति मौर्या केस में अब बड़ा मोड़ सामने आया है। लंबे समय से विवादों में घिरे इस दंपति के रिश्तों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक मौर्या के बीच आपसी सहमति बन गई है और दोनों ने अपने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया है।

  • ज्योति मौर्या केस में सुलह संकेत
  • पति आलोक संग रिश्ते सुधरने लगे
  • विवादित केस में नया सकारात्मक मोड़
  • बच्चों के लिए साथ आने का फैसला
  • कोर्ट केस वापस लेने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने जिला अदालत प्रयागराज और इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहे मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस सुलह की पुष्टि खुद आलोक मौर्या ने की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है और अब दोनों पुराने विवादों को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करना चाहते हैं।

यह मामला साल 2023 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब पति-पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद सार्वजनिक हो गया था। दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिससे यह प्रकरण प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनमानस तक चर्चा का विषय बन गया था। मामला इतना बढ़ा कि जिला अदालत से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया।

विवाद के दौरान आलोक मौर्या ने हाईकोर्ट में गुजारा भत्ता की याचिका दायर की थी, जबकि ज्योति मौर्या ने जिला अदालत में तलाक की अर्जी दी थी। इसके अलावा आलोक मौर्या ने इस पूरे प्रकरण के बाद पुरुषों के अधिकारों की बात उठाते हुए पुरुष आयोग के गठन की मांग भी की थी। उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग तक अपनी बात पहुंचाई थी।

हालांकि अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। दोनों के बीच बातचीत का दौर चला और धीरे-धीरे रिश्तों में नरमी आई। ताजा जानकारी के अनुसार, अब दोनों ने मिलकर अपने बच्चों की परवरिश को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। यही वजह है कि वे अपने बीच के मतभेदों को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

वर्तमान स्थिति की बात करें तो ज्योति मौर्या इस समय गाजियाबाद में एडीएम (प्रशासन) के पद पर तैनात हैं। उनकी दोनों बेटियां उनके साथ रहकर पढ़ाई कर रही हैं। वहीं आलोक मौर्या प्रयागराज में पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत हैं और साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कई परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा भी पास की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं था, बल्कि इसने समाज में पति-पत्नी के रिश्तों, अधिकारों और जिम्मेदारियों पर व्यापक बहस को जन्म दिया था। अब जब दोनों के बीच सुलह की खबर सामने आ रही है, तो इसे एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, लंबे समय से विवादों में घिरे इस हाई-प्रोफाइल केस में अब सुलह की पहल ने नया मोड़ ला दिया है। अगर मुकदमे वापस हो जाते हैं और दोनों साथ आने का फैसला करते हैं, तो यह न सिर्फ उनके परिवार बल्कि समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश होगा—कि संवाद और समझदारी से बड़े से बड़े विवाद भी सुलझाए जा सकते हैं।

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