Thursday, June 11, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मुख्य समाचार

टीएमसी में सियासी भूचाल: जब ममता के सबसे भरोसेमंद चेहरे हो गए खामोश…. अक्सर खामोश करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा क्यों हैं खामोश!… क्या बंगाल की राजनीति नए मोड़ पर?

DigitalDesk by DigitalDesk
June 11, 2026
in मुख्य समाचार, राजनीति
0
TMC When Mamata most trusted faces fell silent
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

1. बागी सूची ने बढ़ाई टीएमसी की बेचैनी

पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर असंतोष की जो चिंगारी सुलग रही थी, वह अब खुलकर सामने आती दिखाई दे रही है। पार्टी के कई सांसदों और विधायकों के अलग गुट बनाने की खबरों ने टीएमसी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उस सूची को लेकर है जिसमें 19 सांसदों के नाम सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अलग राजनीतिक रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।

हालांकि राजनीति में बगावत कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार मामला इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि जिन नामों की चर्चा हो रही है, उनमें पार्टी के कुछ सबसे चर्चित और लोकप्रिय चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं। इन नेताओं की चुप्पी अब टीएमसी के लिए सबसे बड़ा सवाल बन गई है।

Related posts

TMC में भगदड़! तीसरे राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें

TMC में भगदड़! तीसरे राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें

June 11, 2026
राम मंदिर दान विवाद पर बृजभूषण का बड़ा बयान…“सच बोल दिया तो परेशानी में आ जाऊंगा

राम मंदिर दान विवाद पर बृजभूषण का बड़ा बयान…“सच बोल दिया तो परेशानी में आ जाऊंगा

June 11, 2026

2. शत्रुघ्न सिन्हा की खामोशी ने बढ़ाए राजनीतिक संकेत

बॉलीवुड से राजनीति में आए और अपनी बेबाक शैली के लिए मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा का नाम चर्चा के केंद्र में है। आमतौर पर किसी विवाद या राजनीतिक घटनाक्रम पर खुलकर प्रतिक्रिया देने वाले शत्रुघ्न सिन्हा इस पूरे घटनाक्रम पर मौन हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी चुप्पी केवल व्यक्तिगत रणनीति नहीं हो सकती। आसनसोल से सांसद रहे शत्रुघ्न सिन्हा को ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े चेहरे के रूप में पेश किया था। भाजपा छोड़ने के बाद उन्हें टीएमसी में सम्मानजनक स्थान मिला और पार्टी ने उन्हें चुनावी मैदान में उतारकर जीत भी दिलाई।

ऐसे में यदि उनके नाम को लेकर उठे सवालों पर तत्काल खंडन नहीं आता, तो स्वाभाविक रूप से अटकलें तेज होती हैं। राजनीति में कई बार बयान से ज्यादा खामोशी संदेश देती है और फिलहाल शत्रुघ्न सिन्हा की खामोशी भी कई संकेत छोड़ रही है।

3. क्रिकेट की पिच से संसद तक पहुंचे यूसुफ पठान क्यों शांत हैं?

पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान का राजनीतिक सफर अपेक्षाकृत नया है, लेकिन टीएमसी ने उन्हें एक बड़े राष्ट्रीय चेहरे के रूप में सामने रखा था। क्रिकेट मैदान पर अपने आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले यूसुफ पठान राजनीतिक पिच पर इस समय पूरी तरह शांत दिखाई दे रहे हैं।

बहरामपुर से सांसद बनने के बाद उन्हें पार्टी के भविष्य के चेहरों में गिना जाने लगा था। यही वजह है कि उनका नाम सामने आने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया न देना कई सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूसुफ पठान शायद किसी जल्दबाजी में बयान देने से बच रहे हों, लेकिन उनकी चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। यदि वे पार्टी के साथ हैं तो स्पष्ट संदेश क्यों नहीं दे रहे? और यदि असंतोष है तो उसकी वजह क्या है? इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं।

4. सयानी घोष की चुप्पी सबसे ज्यादा चौंकाने वाली

अगर किसी एक नाम ने टीएमसी के भीतर सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई है तो वह है सयानी घोष। पार्टी की युवा राजनीति का प्रमुख चेहरा मानी जाने वाली सयानी घोष लंबे समय से टीएमसी की मुखर प्रवक्ता और आक्रामक नेता रही हैं। सोशल मीडिया हो, टीवी डिबेट हो या विपक्ष पर हमला—सयानी हमेशा पार्टी का पक्ष मजबूती से रखती रही हैं। ऐसे में उनके नाम को लेकर उठे विवाद पर उनकी चुप्पी सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि कोई नेता हर मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया देता रहा हो और अचानक किसी बड़े विवाद पर चुप हो जाए तो उसकी राजनीतिक व्याख्या होना स्वाभाविक है। यही कारण है कि उनकी खामोशी को टीएमसी के भीतर बढ़ते असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है।

5. क्या टीएमसी के सामने खड़ा है अस्तित्व का संकट?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी लंबे समय से एक मजबूत शक्ति रही है, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी के सामने संगठन को एकजुट बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। बागी नेताओं की खबरें और शीर्ष चेहरों की चुप्पी यह संकेत देती है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।

राजनीतिक इतिहास बताता है कि किसी भी क्षेत्रीय दल के लिए सबसे बड़ा संकट तब आता है जब उसके प्रमुख चेहरे सार्वजनिक रूप से नहीं, बल्कि मौन रहकर संदेश देने लगते हैं। यही स्थिति आज टीएमसी के सामने दिखाई दे रही है। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए यह केवल कुछ सांसदों की नाराजगी का मामला नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकता की परीक्षा भी है। आने वाले दिनों में यदि ये नेता खुलकर सामने आते हैं और अपना पक्ष रखते हैं, तो तस्वीर साफ हो सकती है। लेकिन यदि चुप्पी लंबी चली, तो यह बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव की भूमिका भी बन सकती है।

बयान से ज्यादा बोल रही है खामोशी

राजनीति में कई बार शब्दों से ज्यादा असर मौन का होता है। शत्रुघ्न सिन्हा, यूसुफ पठान और सयानी घोष जैसे चर्चित चेहरों की चुप्पी ने टीएमसी के भीतर चल रहे असंतोष को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ये नेता कब और किस तरह अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं। फिलहाल बंगाल की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह केवल अस्थायी नाराजगी है या किसी बड़े राजनीतिक पुनर्संयोजन की शुरुआत?

Post Views: 17
Tags: #TMC Unease #West Bengal Politics #Political Turmoil in TMC #Mamata Most Trusted Faces Fall Silent#TMC When Mamata most trusted faces fell silent
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

TMC में भगदड़! तीसरे राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें

TMC में भगदड़! तीसरे राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें

TMC में भगदड़! तीसरे राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें

मुख्य समाचार
सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

मुख्य समाचार
बंगाल की राजनीति में मचा बड़ा घमासान, TMC में टूट की चर्चा तेज!

बंगाल की राजनीति में मचा बड़ा घमासान, TMC में टूट की चर्चा तेज!

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version