अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि को लेकर उठे विवाद ने अब नया राजनीतिक और धार्मिक मोड़ ले लिया है। राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे और अयोध्या के पूर्व सांसद विनय कटियार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है।
- दान राशि को लेकर ट्रस्ट पर उठे सवाल
- विनय कटियार और चंपत राय के बीच हुई तीखी बहस
- करोड़ों रामभक्तों की आस्था का हवाला
- एसआईटी जांच से खुल सकते हैं कई राज
- दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज
एक विशेष बातचीत और पत्रकार वार्ता के दौरान विनय कटियार ने दावा किया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि और चढ़ावे के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में आने वाली धनराशि को निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत कारसेवकपुरम स्थित चंपत राय के आवास तक ले जाया गया, जो नियमों के खिलाफ है।
चढ़ावे की रकम को लेकर बड़ा आरोप
विनय कटियार ने कहा कि राम मंदिर में प्रतिदिन लाखों और कई बार करोड़ों रुपये तक का चढ़ावा आता है। इस धनराशि को मंदिर परिसर में ही बैंक अधिकारियों और अधिकृत कर्मचारियों की मौजूदगी में गिना जाता है तथा इसके बाद सीधे बैंक में जमा कराया जाता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब ऐसी स्पष्ट व्यवस्था मौजूद है, तो मंदिर परिसर से धनराशि को किसी निजी आवास तक ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी? कटियार के अनुसार यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि एक गंभीर मामला है जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मुद्दे पर उनकी और चंपत राय के बीच पहले भी तीखी बहस हो चुकी है। कटियार ने कहा कि उन्होंने उस समय भी इस व्यवस्था पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का मामला
पूर्व सांसद ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान हजारों कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया, जेल गए और अनेक लोगों ने अपना राजनीतिक भविष्य तक दांव पर लगाया। कटियार ने पूर्व मुख्यमंत्री Kalyan Singh का उल्लेख करते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए उन्होंने अपने पद तक का त्याग किया था। ऐसे में यदि मंदिर ट्रस्ट के भीतर वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार जैसी कोई बात सामने आती है तो यह करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाला मामला होगा।
एसआईटी जांच पर टिकी निगाहें
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन की बात सामने आई है। विनय कटियार का कहना है कि अब जांच एजेंसियों को पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की तह तक जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मामले की उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है और जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। कटियार ने विश्वास जताया कि एसआईटी जांच से तथ्यों का खुलासा होगा और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों से करेंगे मुलाकात
विनय कटियार ने घोषणा की कि वह इस मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि वे एसएसपी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कथित दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। कटियार का कहना है कि यदि जांच में वित्तीय गड़बड़ी या किसी प्रकार की अनियमितता सिद्ध होती है तो जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए और किसी को भी विशेष संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
राम मंदिर चढ़ावा विवाद ने अयोध्या से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक नई बहस छेड़ दी है। हालांकि आरोप गंभीर हैं, लेकिन अभी जांच प्रक्रिया जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अब सभी की निगाहें एसआईटी जांच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में चढ़ावे की राशि के प्रबंधन में कोई अनियमितता हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।