Twisha Sharma मौत मामले की जांच अब उस आखिरी शाम पर आकर टिक गई है, जब कुछ घंटों के भीतर जिंदगी और मौत के बीच पूरा घटनाक्रम बदल गया। पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपी पति Samarth Singh ने पूछताछ में 12 मई की रात का पूरा घटनाक्रम बताया है। हालांकि उसके बयान के कई हिस्से अब भी जांच एजेंसियों के लिए सवाल बने हुए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और परिवार के बयानों को जोड़कर उस रात की असली तस्वीर समझने की कोशिश कर रही है।
‘मां ने कहा ट्विशा दिख नहीं रही…’ मौत से पहले की आखिरी रात में क्या हुआ? समर्थ के बयान ने बढ़ाए नए सवाल
- पार्लर से लौटने के बाद क्या हुआ?
- रात 8:30 बजे तक सब सामान्य था!
- फोन कॉल के बाद बदल गया पूरा घटनाक्रम
- छत पर क्या मिला, कैसे टूटा फंदा?
- पुलिस अब तलाश रही आखिरी सच
समर्थ सिंह के मुताबिक, 12 मई की शाम करीब 6 बजे ट्विशा पार्लर से घर लौटी थीं। जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज से भी इस बात की पुष्टि हुई है। समर्थ ने पुलिस को बताया कि घर लौटने के बाद दोनों करीब एक घंटे तक घर के सामने बने पार्क में टहलते रहे। उसके मुताबिक उस दौरान दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था और किसी तरह का विवाद नहीं हुआ।
वॉक के बाद दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया। फिर कुछ देर घर के बाहर समय बिताया और करीब 8:30 बजे कमरे में जाकर टीवी देखने लगे। पुलिस अब इसी टाइमलाइन को बेहद अहम मान रही है, क्योंकि समर्थ का दावा है कि उस समय तक ट्विशा पूरी तरह सामान्य थीं।
समर्थ ने बताया कि करीब आधे घंटे बाद ट्विशा नीचे वाले कमरे में चली गईं और अपने माता-पिता से फोन पर बात करने लगीं। वहीं वह खुद थकान की वजह से कमरे में ही सो गया। लेकिन यहीं से कहानी रहस्यमय हो जाती है। क्योंकि कुछ देर बाद घटनाओं ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
समर्थ के अनुसार, थोड़ी देर बाद उसकी मां गिरिबाला सिंह का फोन आया। उन्होंने बताया कि ट्विशा कहीं दिखाई नहीं दे रही हैं और फोन भी रिसीव नहीं कर रही हैं। इसी बीच ट्विशा की मां का भी फोन आया, जिन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान ट्विशा परेशान लग रही थीं और रो भी रही थीं। उन्होंने समर्थ से जाकर देखने को कहा।
समर्थ ने अपनी मां से कहा कि शायद ट्विशा छत पर गई हों। जब गिरिबाला सिंह छत पर पहुंचीं तो वहां का दृश्य देखकर वह घबरा गईं। समर्थ के मुताबिक ट्विशा एक्सरसाइज में इस्तेमाल होने वाली इलास्टिक बेल्ट के सहारे फंदे पर लटकी हुई थीं। शोर सुनते ही वह भी वहां पहुंचा और दोनों ने मिलकर फंदा हटाने की कोशिश की।
समर्थ का दावा है कि उसने ट्विशा को नीचे से सहारा देकर ऊपर उठाया, जबकि उसकी मां पलंग पर चढ़कर बेल्ट खोलने की कोशिश कर रही थीं। काफी मशक्कत के बाद फंदा हटाया गया और ट्विशा को पलंग पर लिटाया गया। इसके बाद रिश्तेदारों को बुलाया गया और सीपीआर देने की कोशिश भी की गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
बाद में परिवार के लोग उन्हें कार से अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हालांकि अब पुलिस के सामने कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब अभी तक साफ नहीं हो पाए हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अगर रात 8:30 बजे तक सब कुछ सामान्य था तो अचानक ऐसा क्या हुआ कि कुछ ही देर में ट्विशा ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। क्या फोन पर बातचीत के दौरान कोई तनाव सामने आया था? क्या घर में किसी तरह का विवाद हुआ? क्या समर्थ वास्तव में सो रहा था या उस दौरान कुछ और हुआ?
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि ट्विशा को आखिरी बार जिंदा किसने देखा और छत पर जाने की भनक घर में किसी को क्यों नहीं लगी। पुलिस अब फॉरेंसिक रिपोर्ट के जरिए यह भी जांच रही है कि जिस तरह फांसी लगाने और बचाने की कहानी बताई जा रही है, क्या घटनास्थल के सबूत उससे मेल खाते हैं या नहीं। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले में हर नया बयान जांच को एक नई दिशा दे रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी तकनीकी और वैज्ञानिक सबूतों की जांच के बाद ही मौत की असली वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।