PM मोदी के UAE दौरे से भारत को बड़ी ताकत, 5 अरब डॉलर निवेश समेत रक्षा और ऊर्जा पर कई अहम समझौते
- यूएई ने भारत में 5 अरब डॉलर निवेश का किया ऐलान
- तेल और गैस सुरक्षा को लेकर हुए बड़े रणनीतिक समझौते
- रक्षा, जहाज निर्माण और डिजिटल ट्रेड कॉरिडोर पर बढ़े सहयोग
- राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने एयरपोर्ट पर किया पीएम मोदी का स्वागत
- भारत-UAE संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE यात्रा भारत के लिए कई मायनों में बेहद अहम साबित हुई। इस दौरे में दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और निवेश को लेकर कई बड़े समझौते हुए। सबसे बड़ी घोषणा यूएई की ओर से भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की रही, जिसे दोनों देशों की मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जब अबू धाबी पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत किया गया। खास बात यह रही कि खुद UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान एयरपोर्ट पहुंचे और पीएम मोदी की अगवानी की। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच विस्तृत रणनीतिक वार्ता हुई।
ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा फोकस
भारत और UAE के बीच इस बैठक में ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ा एजेंडा रही। दोनों देशों ने इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी ADNOC के बीच अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत UAE भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 30 मिलियन बैरल तक करेगा। इसके अलावा दोनों देशों के बीच लंबी अवधि के LPG सप्लाई समझौते भी हुए हैं, जिससे भारत को भविष्य में गैस आपूर्ति अधिक सुरक्षित और स्थिर मिल सकेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज संकट के बीच यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
5 अरब डॉलर का निवेश
UAE ने भारत में कुल 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे भारत में रोजगार और बड़े प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी।
दोनों देशों ने डिजिटल ट्रेड कॉरिडोर विकसित करने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इसके अलावा जहाज निर्माण और समुद्री लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
रक्षा संबंध होंगे और मजबूत
भारत और UAE ने रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाने का भी फैसला किया है। दोनों देशों के बीच रक्षा तकनीक, सुरक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा को लेकर कई स्तरों पर बातचीत हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत और UAE की बढ़ती नजदीकियां रणनीतिक रूप से काफी अहम हैं।
भारत-UAE रिश्तों को नई दिशा
पीएम मोदी की यह यात्रा केवल आर्थिक या ऊर्जा सहयोग तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करने वाली साबित हुई। यात्रा के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
अबू धाबी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोपीय दौरे के अगले चरण के लिए रवाना हो गए, लेकिन इस यात्रा ने भारत-UAE संबंधों को नई रणनीतिक मजबूती जरूर दे दी है।