जेवर में देश का सबसे बड़ा एविएशन प्रोजेक्ट शुरू: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार दोपहर उत्तर प्रदेश के जेवर पहुंचे, जहां उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। यह परियोजना भारत के एविएशन सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देगा और क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका निभाएगा।

3300 एकड़ में तैयार पहले चरण का टर्मिनल, सालाना 3 करोड़ यात्रियों की क्षमता

एयरपोर्ट के पहले फेज में लगभग 3300 एकड़ जमीन पर आधुनिक टर्मिनल और रनवे तैयार किया गया है। इस चरण में एक रनवे के साथ एयरपोर्ट की सालाना क्षमता करीब 3 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी। इस फेज को बनाने में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है, जो इसे देश की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल करता है।

52 वर्ग किलोमीटर में फैलेगा पूरा एयरपोर्ट, एशिया का सबसे बड़ा बनने की तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पूरा प्रोजेक्ट करीब 52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। जब इसके सभी चारों चरण पूरे हो जाएंगे, तब यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन सकता है। अभी चीन का बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट 47 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और एशिया में सबसे बड़ा माना जाता है।

2040 तक सभी फेज पूरे होने का लक्ष्य, क्षेत्र में बढ़ेगी कनेक्टिविटी

एयरपोर्ट अथॉरिटी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस मेगा प्रोजेक्ट को चार चरणों में विकसित किया जाएगा और पूरी परियोजना को वर्ष 2040 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी।

20 मिनट में बोर्डिंग की सुविधा, मई से उड़ान शुरू होने की संभावना

इस एयरपोर्ट की खासियत यह बताई जा रही है कि यात्रियों को एंट्री से लेकर बोर्डिंग तक की प्रक्रिया 20 मिनट से कम समय में पूरी हो सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक यहां से कमर्शियल फ्लाइट्स की शुरुआत मई महीने से हो सकती है, जिससे यात्रियों को एक नया और आधुनिक विकल्प मिलेगा।

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