Petrol Diesel Price Today 11 July 2026:11 जुलाई को पेट्रोल और डीज़ल के नए रेट जारी किए गए हैं

Petrol Diesel Price Today 11 July 2026:11 जुलाई को पेट्रोल और डीज़ल के नए रेट जारी किए गए हैं

Petrol Diesel Price Today 11 July 2026: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। इस बीच, देश भर में पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए गए हैं। सरकारी तेल कंपनियाँ हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं और 11 जुलाई 2026 के लिए भी नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। आज भी ज़्यादातर शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालाँकि, टैक्स की वजह से हर शहर में रेट अलग-अलग होते हैं। लेकिन ऑयल कंपनियों की तरफ से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।

जानें 11 जुलाई को क्या है पेट्रोल और डीजल की कीमतें

दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।

कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है।

चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।

25 मई के बाद पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों ने 25 मई, 2026 से पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले, मई में सिर्फ़ 11 दिनों में कीमतें चार बार बढ़ाई गई थीं। 15 मई को पेट्रोल ₹3 और डीज़ल ₹3.29 महंगा हो गया था। इसके बाद, 19 और 23 मई को पेट्रोल की कीमतों में ₹87 और डीज़ल की कीमतों में ₹91 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। फिर, 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 और डीज़ल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ। हालांकि, राहत की बात यह है कि तब से पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर ग्लोबल क्रूड ऑयल मार्केट पर पड़ रहा है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने कहा है कि अगर वेस्ट एशिया में हालात बिगड़ते हैं, तो ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर असर पड़ सकता है। एजेंसी के मुताबिक, अभी मार्केट में सप्लाई स्थिर है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे अहम ऑयल रूट में किसी भी तरह की रुकावट से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। हालांकि, OPEC+ और दूसरे देशों से बढ़ी हुई सप्लाई से अभी मार्केट को कुछ राहत मिल रही है।

भारत अपने रणनीतिक तेल भंडार बढ़ाएगा

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच भारत के सामने ऊर्जा को लेकर चुनौतियां बहुत ज्यादा है। भारत उन देशों में से है जो कच्चे तेल का आय़ात बड़े पैमाने पर करता है। इसलिए अब भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया है। सरकारी कंपनी ONGC ने मंगलुरु में 1.75 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाले एक नए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के निर्माण को मंजूरी दी है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान भारत को भी सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिसका असर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर पड़ा था। नतीजतन, सरकार अब तेल भंडार बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।

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