महिला आरक्षण पर संसद का विशेष सत्र: सीएम मोहन यादव बोले—ऐतिहासिक होगा फैसला
संसद सत्र को बताया ऐतिहासिक
Mohan Yadav ने 16 अप्रैल को प्रस्तावित संसद के विशेष सत्र को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि इस सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा और पारित होने की प्रक्रिया देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
प्रधानमंत्री की पहल पर आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि Narendra Modi की पहल पर यह विशेष सत्र बुलाया गया है। देश की सर्वोच्च पंचायत संसद में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में सामाजिक बदलाव का आधार बनेगा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जोर
सीएम यादव ने कहा कि केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए संकल्पबद्ध है। यह कानून महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे उनकी भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
समग्र विकास की सोच
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को समग्र विकास का उदाहरण बताते हुए कहा कि सरकार गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। उन्होंने ‘GYAN’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) के मंत्र को विकास की आधारशिला बताया।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
सीएम ने कहा कि आज देश में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। चाहे वह विमान उड़ाना हो, अंतरिक्ष में उपलब्धियां हासिल करना हो या सेना में सेवा देना—हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, जो सशक्त भारत की तस्वीर पेश करती है।
आरक्षण से मिलेगा नया अवसर
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण लागू होने से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होगी। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी आवाज और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे, जिससे समाज में संतुलित और समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बिना किसी भी राष्ट्र की प्रगति अधूरी है और यह पहल उसी दिशा में बड़ा कदम है।
सरकार के प्रयासों की सराहना
सीएम यादव ने केंद्र सरकार के फैसलों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिली है। विभिन्न योजनाओं और नीतियों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
बदलाव की दिशा में बड़ा कदम
उन्होंने कहा कि संसद का यह विशेष सत्र केवल एक विधेयक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह देश में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत करेगा। आने वाले समय में इसका असर राजनीति और समाज दोनों पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। (प्रकाश कुमार पांडेय)





