अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान अहम कूटनीतिक भूमिका निभाता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने घोषणा की है कि इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों को वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए एयरलाइंस को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि डेलीगेशन बिना किसी बाधा के पाकिस्तान पहुंच सकें। इस वार्ता को क्षेत्रीय शांति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा देकर पाकिस्तान ने बातचीत को आसान बनाने की कोशिश की
इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वार्ता में शामिल प्रतिनिधियों और पत्रकारों को पाकिस्तान पहुंचने पर वीजा दिया जाएगा। एयरलाइंस को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे यात्रियों को बिना पूर्व वीजा के बोर्डिंग की अनुमति दें। पाकिस्तान सरकार इस बैठक को सफल बनाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय नजर आ रही है।
दो हफ्ते के सीजफायर के बाद शांति वार्ता पर दुनिया की नजर
बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले एक महीने से जारी तनाव के बाद दो सप्ताह के सीजफायर पर सहमति बनी है। इसी कड़ी में दोनों देशों के प्रतिनिधि इस्लामाबाद में वार्ता के लिए पहुंचेंगे। इस बातचीत का उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करना और आगे के समाधान की दिशा तय करना है।
विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए हाई लेवल व्यवस्था
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने इस वार्ता को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को हर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। सरकार ने इस आयोजन को पाकिस्तान के लिए सम्मान की बात बताया है और मेहमानों के स्वागत की विशेष तैयारी की जा रही है।
रेड जोन सील, कंट्रोल रूम और हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामाबाद के रेड जोन इलाके को पूरी तरह सील किया जाएगा और केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। गृह मंत्रालय ने एक विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया है, जहां से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 10,000 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में सेना, रेंजर्स और स्थानीय पुलिस की भी भूमिका रहेगी।
वैश्विक राजनीति में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर बढ़ी चर्चा
विश्लेषकों का मानना है कि इस वार्ता की मेजबानी पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से क्षेत्रीय स्थिरता पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस बैठक के नतीजों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।





