उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में इन दिनों एक ऐसी अधिकारी भाई-जोड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर शासन-प्रशासन में अलग पहचान बनाई है। खास बात यह है कि दोनों सगे भाई हैं और इस समय एक-दूसरे से सटे जिलों की कमान संभाल रहे हैं। यह जोड़ी है 2011 बैच के चर्चित IPS अधिकारी डॉ. अजय पाल शर्मा और उनके छोटे भाई 2016 बैच के IAS अधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा की।
बड़े भाई प्रयागराज में DIG, छोटे भाई कौशांबी के DM
डॉ. अजय पाल शर्मा वर्तमान में प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त के पद पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं उनके छोटे भाई डॉ. अमित पाल शर्मा कौशांबी के जिलाधिकारी के तौर पर प्रशासनिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यानी एक भाई के हाथ में प्रयागराज की कानून-व्यवस्था से जुड़ी अहम जिम्मेदारी है, तो दूसरे भाई के कंधों पर कौशांबी के प्रशासन की कमान है। सबसे खास बात यह है कि प्रयागराज और कौशांबी एक-दूसरे से सटे हुए जिले हैं। ऐसे में दो सगे भाइयों की तैनाती एक ही क्षेत्र में होना प्रशासनिक हलकों से लेकर आम लोगों तक चर्चा का विषय बना हुआ है।
एक ने पुलिस सेवा चुनी, दूसरे ने प्रशासनिक सेवा
दोनों भाइयों ने देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा में जगह बनाई, लेकिन उनकी कार्यक्षेत्र की राह अलग रही। बड़े भाई डॉ. अजय पाल शर्मा ने भारतीय पुलिस सेवा को चुना, जबकि छोटे भाई डॉ. अमित पाल शर्मा भारतीय प्रशासनिक सेवा में पहुंचे। एक तरफ वर्दी में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन की कमान है। दूसरी तरफ जिलाधिकारी के रूप में विकास कार्यों, राजस्व, जनकल्याणकारी योजनाओं और जिला प्रशासन की निगरानी की जिम्मेदारी। यही अलग-अलग भूमिकाएं इस भाई-जोड़ी को और खास बनाती हैं।
संयोग से पड़ोसी जिलों की मिली जिम्मेदारी
सरकारी सेवाओं में अधिकारियों की तैनाती प्रशासनिक जरूरतों और शासन के फैसलों के आधार पर होती है। ऐसे में दो सगे भाइयों का एक ही क्षेत्र के दो पड़ोसी जिलों में तैनात होना अपने आप में दिलचस्प संयोग है। प्रयागराज और कौशांबी की भौगोलिक नजदीकी के कारण दोनों जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय की जरूरत भी रहती है। ऐसे में जब दोनों महत्वपूर्ण पदों पर सगे भाई हों तो यह संयोग लोगों का ध्यान खींचना स्वाभाविक है।
मेहनत और सफलता की मिसाल बनी भाई-जोड़ी
डॉ. अजय पाल शर्मा और डॉ. अमित पाल शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं। एक ही परिवार से दो भाइयों का देश की शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचना आसान उपलब्धि नहीं है। दोनों ने अपनी-अपनी सेवाओं में अलग पहचान बनाई और अब एक ही क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। यह कहानी सिर्फ दो अधिकारियों की तैनाती की नहीं, बल्कि उस मेहनत और संकल्प की भी है, जिसने एक परिवार के दो भाइयों को उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस तंत्र में महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंचाया। एक भाई वर्दी में कानून-व्यवस्था की कमान संभाल रहा है, दूसरा प्रशासनिक जिम्मेदारी निभा रहा है। प्रयागराज और कौशांबी की दूरी भले कम हो, लेकिन इन दोनों भाइयों की उपलब्धि ने उनकी कहानी को पूरे उत्तर प्रदेश में खास बना दिया है।





